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नई टिहरी, 11 मार्च (हि.स.)। हेमवती नंदन बहुगुणा केन्द्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक दृष्टिकोण के चलते तीन नए कानून पर एक वेबिनार आयोजित किया। वेबिनार का संयोजन विधि विभाग एसआरटी परिसर टिहरी के डॉ एसके चतुर्वेदी ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में एडवोकेट शान्ति प्रसाद भट्ट ने विचार रखते हुए छात्रों के सवालों के जवाब दिए। वेबिनार में टिहरी व पौड़ी गढ़वाल से विधि के 150 छात्र भी जुड़े।
वेबिनार में एडवोकेट भट्ट ने कहा कि भारतीय दण्ड संहिता 1860, जिसमें कुल 23 अध्याय और 511 धाराएं थीं, इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता, 2023 स्थान लेगी, इसमें कुल 20 अध्याय और 356 धाराएं हैं। भारतीय न्याय संहिता 2023 में राजद्रोह की धारा 124 ए को खत्म कर दिया गया है। साथ ही आतंकवाद संगठित अपराध, सामूहिक हत्या तथा शरीर के विरुद्ध अपराध जैसे हत्या, आत्महत्या, दुष्प्रेरण, हमला, घोर उपहति के मामलों सहित बालकों की आयु सीमा का निर्धारण भी किया गया है।
वेबिनार में उपस्थिति विधि के छात्रों ने मुख्य वक्ता एडवोकेट शान्ति प्रसाद भट्ट से कुछ विधिक सवाल भी पूछे जिनका उत्तर देकर विधि के छात्रों को संतुष्ट किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार/प्रदीप /वीरेन्द्र