[ad_1]

लखनऊ,18 फरवरी (हि.स.)। मुजफ्फरनगर के नगर कोतवाली क्षेत्र से टाइमर बम तैयार कराने वाली मास्टर माइन्ड इमराना को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने शनिवार की रात गिरफ्तार किया। यह जानकारी रविवार को एसटीएफ मेरठ फील्ट इकाई के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार इमराना शामली जनपद के बाबरी थाना क्षेत्र में स्थित गारम-बन्तीखेड़ा निवासी आजाद की पत्नी है। वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर जनपद के नगर कोतवाली क्षेत्र में स्थित कालीनदी पुलिया के पास प्रेमपुरी में रह रही थी। पूछताछ में इमराना ने बताया कि उसके तीन बच्चे पैदा हुए। बड़ी बेटी रूकसार पत्नी नदीम निवासी सरस्वती बिहार हरिद्वार में रहती है। एक बेटा मोनू 24 वर्ष का हृदयगति रूकने से मृत्यु हो गई तथा उससे छोटा सोनू 21 वर्ष का है जो कपड़े का काम करता है। उसके पति लकड़ी का काम करते है साथ में पशुपालन का काम करते है। यहां लगभग 22 वर्ष से रह रही हूं तथा ससुराल बन्ती खेड़ा में आना-जाना लगा रहता है। मैं झाड़ फूक एवं दवा देने का काम करती हूं। मेरे पास बहुत से लोगों का आना जाना लगा रहता है। लगभग 13 वर्ष पूर्व मैने जावेद से दो बम लिये थे जो मैंने अपने घर पर रख लिये। एक बम की बत्ती निकल गई थी, कोई बड़ी घटना न हो जाये इस डर की वजह से मैने उन्हें काली नदी में फेक दिया था। वर्ष 2013 में मुजफ्फर नगर में हुए विवाद के दौरान मेरा घर हिन्दुओं ने जला दिया था। इस दौरान उसकी कई लोगों से काफी कहा सुनी हुई थी। फिर मैंने वह बम कुछ लोगों को दे दिए थे, जिनको मैंने बम दिया उनका नाम व पता नहीं जानती। मैने जावेद को दस बम बनाने के लिए कहा था, सोचा था कि कोई झगड़ा व दंगा होगा तो वह काम आएगा।
पूछताछ के दौरान इमराना ने बताया कि जावेद मीरजापुर से बारूद लाकर जावेद 5 ही बम बना पाया था, यह जावेद ने भी बताया है। एक बम गर्म होकर खराब हो गया था, जिसे जावेद ने नदी में फेंक दिया था और चार बम जावेद के पास से बरामद हुआ था। महिला इमराना के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
भावुक हुआ पति बोला-उसके परिवार ने अपराध नहीं किया
इमराना का पति आजाद अपनी पत्नी को फंसाने की बात बताते हुए भावुक हो गया। आजाद का कहना था कि वह मेहनत मजदूरी करता है। तीन बेटियों की शादी कर चुका है। एक बेटे की कुछ माह पहले मौत हो गई थी। छोटा बेटा कक्षा बारह तक की पढ़ाई पूरी कर घर पर पशु पालता है और दूध बेचता है। संपत्ति के नाम पर उनके पास एक मकान, घेर व एक छोटी कार है।
बताया कि दंगे के दौरान उनके मकान में आग लगा दी गई थी। वह बंतीखेड़ा का रहने वाला है, उसकी ससुराल शाहपुर के गांव निरमानी में है। उसके परिवार ने कोई अपराध नही किया है। जावेद के बारे में उससे पूछा गया तो बताया कि जावेद पिता की मौत के बाद से अपने चाचा के घर रहता था।
हिन्दुस्थान समाचार/राम बहादुर/बृजनंदन