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जगदलपुर, 25 फरवरी(हि.स.)। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सली ज्यादातर बड़ी घटनाओं को फरवरी से मई माह के बीच में अंजाम देते हैं, फरवरी से मई के बीच 04 महीने नक्सलियों का टैक्टिकल काउंटर ऑफ ऑफेंसिव कैंपैन (टीसीओसी) माह की अवधि कहा जाता है। बीते 10 वर्षों में अब तक टीसीओसी के दौरान नक्सली कई बड़े वारदात को अंजाम दे चुके हैं। वहीं दूसरी ओर इस बार नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बल आक्रामक रहने वाले हैं। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने इस बार के नक्सलियों के टीसीओसी माह को और भी ज्यादा खतरनाक बताया है। साथ ही ऑपरेशन और सर्चिंग में निकलने वाले सभी सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि टीसीओसी अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की योजना बनाते है। हालांकि सुरक्षाबलों द्वारा अंदरूनी इलाकों में नवीन कैंप स्थापित किए जाने से नक्सलियों का इलाका और जनाधार कमजोर हुआ है, जिसके चलते नक्सली बौखलाए हुए हैं, और बड़ी वारदात को अंजाम देने का प्रयास करेंगे। नक्सलियों के कोर इलाके मे सुरक्षा बलों के नवीन कैंप स्थापित होने से नक्सली अपने गढ़ को छोडक़र दूसरे जगह भागने के लिए मजबूर हुए हैं। उन्होने ऑपरेशन और सर्चिंग में निकलने वाले सभी सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/राकेश पांडे