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-परीक्षार्थियों को दिये जाएंगे कुल प्रश्नों को हल करने की संख्या को आनुपातिक रूप से घटाते हुए अधिक विकल्प
नैनीताल, 01 फ़रवरी (हि.स.)। कुमाऊं विश्वविद्यालय में कब क्या हो जाये कहा नहीं जा सकता। विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ तो परीक्षा के प्रश्नपत्रों में बदलाव कर दिया गया है।
उत्तराखण्ड शासन के शैक्षिक सत्र को को पटरी पर लाने व नियमित करने के निर्देशों के क्रम में विश्वविद्यालय के परीक्षा अनुमाग की कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई संकायाध्यक्षों एवं पाठ्यक्रम समन्वयकों की आनलाईन बैठक में सर्वसम्मिति से कहा गया कि माह नवम्बर से प्रारम्भ शिक्षणंकाल के दौरान अधिकतम विषयों में 70 से 80 प्रतिशत पाठ्यक्रम ही पूर्ण हो पाया है।
इसलिये आगामी 6 फरवरी से होने वाली स्नातकोत्तर विषम सेमेस्टर की परीक्षा में आनुपातिक शिक्षण अवधि के दृष्टिगत प्रश्न पत्र में कुल प्रश्नों को हल करने की संख्या को आनुपातिक रूप से घटाते हुए अधिक विकल्प प्रदान किये जाएंगे। प्रश्नपत्रों के खण्ड अ में जहां पूर्व में 8 में से 5 प्रश्नों को हल करने का विकल्प था वही इस बार में 8 में से 4 विकल्प दिये जाएंगे, जबकि खंड ब में जहां पूर्व में 5 में से 3 प्रश्नों को हल करने का विकल्प था वहीं इस बार 5 में से 2 प्रश्नों को हल करने का विकल्प दिया जायेगा। परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी विद्यप्ति में बताया गया है कि विश्वविद्यालय में फरवरी माह में स्नातकोत्तर विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवाने के लिए तैयारी पूर्ण कर ली गई हैं। जाके आशक्षिक सत्र नियमित किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार/डॉ.नवीन जोशी/रामानुज