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– शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हुए अनिल विज, मंत्री बनने की संभावनाएं समाप्त
– गुप्ता, यादव, ढांडा एवं संदीप सिंह नहीं बन सके दोबारा मंत्री
– बुधवार काे विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे सैनी
चंडीगढ़, 12 मार्च (हि.स.)। हरियाणा में भाजपा द्वारा जजपा के साथ गठबंधन तोड़ने के बाद जननायक जनता पार्टी भी दोफाड़ हो गई। पार्टी में 10 में से पांच विधायक सरकार के साथ बताए जा रहे हैं। गठबंधन सरकार में विकास एवं पंचायत मंत्री रहे देवेंद्र सिंह बबली, गुहला विधायक ईश्वर सिंह, बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग और नरवाना विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा राजभवन पहुंचे हुए थे।
दुष्यंत चौटाला को सार्वजनिक रूप से अपमानित कर चुके नारनौंद विधायक रामकुमार गौतम का आज के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सीएम के इस्तीफे के बाद बदले राजनीतिक हालातों के बीच डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने नई दिल्ली में बैठक बुलाई थी, लेकिन इसमें ये पांचों विधायक नहीं पहुंचे। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी द्वारा नेतृत्व परिवर्तन किए जाने के बाद पार्टी में घमासान शुरू हो गया है। अक्सर सुर्खियों में रहने वाले पूर्व गृहमंत्री अनिल विज ने आज नायब सैनी के शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार कर दिया। विज शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए।
पिछले साढे़ नौ वर्षों के कार्यकाल के दौरान अनिल विज और मनोहर लाल के बीच कई बार विवाद सार्वजनिक हुए हैं। आज सुबह जब हरियाणा में सरकार के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हुई तब मनोहर लाल एवं अनिल विज एक ही गाड़ी में सवार होकर राजभवन गए। मनोहर लाल द्वारा राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद हरियाणा निवास में हुई विधायक दल की बैठक में भी अनिल विज शामिल हुए। इस बैठक में नायब सैनी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
दोपहर तक अटकलें थी कि भाजपा हरियाणा में डिप्टी सीएम बनाने जा रही है। बाद दोपहर तस्वीर साफ हुई कि अभी केवल मुख्यमंत्री और पांच मंत्री ही शपथ लेंगे। इस बीच अनिल विज ने भाजपा के प्रदेश नेतृत्व से दूरी बना ली। वह अपना सरकारी अमला व गाड़ी छोड़कर अपने एक निजी मित्र की गाड़ी में सवार होकर अंबाला स्थित अपने आवास पर चले गए। इसके बाद हुए शपथ ग्रहण समारोह में भी विज नहीं आए।
हरियाणा में नई सरकार के गठन को लेकर अटकलें चल रही थी कि नायब मंत्रिमंडल में नए विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। इसके बावजूद नायब सैनी ने भी अपने साथ मनोहर सरकार में रहे पांच मंत्रियों को दोबारा शपथ ग्रहण करवाई है।
मनोहर सरकार के पहले व दूसरे कार्यकाल में मंत्री रहे अनिल विज को शपथ नहीं दिलाई गई है। इसके अलावा मनोहर सरकार में कैबिनेट रहे कमल गुप्ता भी शपथ ग्रहण से चूक गए हैं। जजपा कोटे से मनोहर सरकार में मंत्री रहे देवेंद्र बबली आज शपथ ग्रहण समारोह में शामिल तो हुए लेकिन अटकलों के बावजूद भाजपा ने उन्हें शपथ नहीं दिलाई। मनोहर सरकार में तीन विधायक बतौर राज्य मंत्री काम कर रहे थे। पूर्व राज्य मंत्री ओपी यादव, कमलेश ढांडा, संदीप सिंह भी दोबारा मंत्री बनने से चूक गए हैं। इसी दौरान हरियाणा के नवनियुक्त मुख्यमंत्री नायब सैनी बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे। इसके लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुला लिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/प्रभात