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माजुली (असम), 11 मार्च (हि.स.)। विश्व के सबसे बड़े नदी दीप माजुली जिले में रात के समय भी फेरी (यंत्र चालित नाव) की सेवा शुरू की गयी है। माजुली-निमाती घाट नौका सेवा माजुली के दक्षिणी तट तक परिवहन का एकमात्र साधन है। ऐसे में माजुली के लिए नौका परिवहन दोपहर 3 बजे के बाद बंद हो जाती थी। माजुली दीप से मुख्य भूमि जोरहाट जाने के लिए यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब परिवहन की समस्या समाप्त हो गई है।
एक साल के सर्वे के अंत में अफलामुख-निमाती नाइट फेरी सेवा शुरू हुई है। इसका शुभारंभ असम सरकार के मंत्री जोगेन महन ने रविवार को की।
माजुली के निवासियों ने आज बताया है कि विश्व बैंक की मदद से महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत माजुली-अफलामुख फेरी घाट से निमति घाट तक रात्रि फेरी सेवा का शुभारंभ रविवार की रात के समय किया गया, इससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। फेरी सेवा की शुरुआत एमवी जाह्नवी नामक नौका से की गई।
आईआईटी मद्रास, नेशलन टेक्नोलॉजी सेंटर फार पोर्ट पोर्सटेल वाटरवे के जरिए इस फेरी की सेवा मुहैया करायी गयी है।
जल परिवहन विभाग आगामी मंगलवार से यात्रियों की सुविधा के अनुसार फेरी के संचालन का समय निर्धारित करेगा। सामान्य यात्रियों के साथ कार और बाइक को भी फेरी के जरिए नदी के आर-पार किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पहले शाम होते ही यातायात सेवा बंद हो जाती थी, जिसके चलते माजुली के मरीजों एवं प्रसूताओं को जोरहाट पहुंचने में भारी परेशानी होती थी। अन्य आपातकालीन यात्रियों को भी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब यह समस्या खत्म हो जाएगी। क्योंकि अब दिन-रात फेरी सेवा उपलब्ध होगी।
हिन्दुस्थान समाचार/प्रकाश/श्रीप्रकाश/अरविंद