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गुवाहाटी (असम), 10 मार्च (हि.स.)। असम में सत्तारूढ़ भाजपा के विरुद्ध गठित यूनाइटेड अपोजिशन फोरम में चुनाव की घोषणा होने से पहले ही बिखराव शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने आज मीडिया से स्पष्ट रूप से कहा कि असम में तृणमूल कांग्रेस के लिए 14 में से एक भी सीट कांग्रेस नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने 42 में से एक भी सीट जब कांग्रेस के लिए नहीं छोड़ी, ऐसे में तृणमूल कांग्रेस के लिए असम में कांग्रेस द्वारा सीट छोड़े जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि आज ओड़िशा में चल रही कांग्रेस वर्किंग कमेटी के बैठक में कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। असम के लिए कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा सोमवार को कर दी जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की 14 में से 9 सीटों के लिए प्रदेश कांग्रेस द्वारा नौ लोगों के नाम ही भेजे गए हैं। इन सभी नौ उम्मीदवारों से अपने-अपने क्षेत्र में काम शुरू कर देने के लिए कहा गया है। जबकि जोरहाट, नगांव, बरपेटा, करीमगंज और सिलचर सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम पार्टी हाई कमान तय करेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि असम जातीय परिषद गुवाहाटी तथा डिब्रूगढ़ सीटों की मांग कर रहा है, जिसे दोनों में से एक सीट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि डिब्रूगढ़ से पार्टी नेता लुरिन ज्योति गोगोई तथा गुवाहाटी से कमल नयन चौधरी टिकट मांग रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम सहयोगी दलों को एक दल एक सीट के हिसाब से ही दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि कल सीपीआई के साथ भी बातचीत होगी।
अब सवाल यह उठता है कि यदि एक दल को एक सीट दी जाएगी तो 14 सीट पर 16 दलों के उम्मीदवार आखिर कैसे खड़ा होंगे। साथ ही 9 सीट के लिए प्रदेश कांग्रेस द्वारा नाम तय ही कर लिया गया है एवं 5 सीट पर कांग्रेस आलाकमान नाम तय करेंगे। ऐसे में सहयोगी दलों के सीटों का क्या होगा? इस प्रकार के कई सवाल यूनाइटेड अपोजिशन फोरम के सामने अनुत्तरित हैं। ऐसे में यदि सभी विपक्षी दल एक दूसरे के विरुद्ध चुनाव में खड़े हो गए तो निश्चित ही भाजपा को रोकने का विपक्ष का सपना चुनाव में चकनाचूर हो जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार /श्रीप्रकाश/अरविंद