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भोपाल, 1 फ़रवरी (हि.स.)। भारत के वैज्ञानिक नित नए विज्ञान के क्षेत्र में आयाम स्थापित कर रहे हैं। अंतरिक्ष में उड़ान भरने का सपना देखने वाली कल्पना चावला जब पहली बार अंतरिक्ष पर पहुंची तब हर देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया था। आज सालों बाद भी कल्पना देश की करोड़ों महिलाओं के लिए ही नहीं हर भारत वासी के लिए एक मिसाल हैं। उन्हें भारतीय मूल की पहली अंतरिक्ष यात्री के तौर पर जाना जाता है। भारत की इस बेटी ने अंतरिक्ष में उड़ान भरके अपने समय में एक ऐसे मिशन को अंजाम दिया था, जो पूरी दुनिया में इतिहास बन गया। उनकी गुरुवार को पुण्यतिथि के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें याद करते हुए अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं।
सोशल मीडिया एक्स पर सीएम यादव ने लिखा – ”शक्ति, साहस और दृढ़ता का पर्याय, भारत की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ! अपने अल्प जीवन में ही आपने न केवल अंतरिक्ष की दुनिया में अनेक उपलब्धियाँ प्राप्त कीं, अपितु बेटियों को सपने देखने और उसे साकार करने का साहस भी प्रदान किया। आपका जीवन सदैव नारी शक्ति और युवाओं के लिए प्रेरणा का महान स्रोत रहेगा।”
शक्ति, साहस और दृढ़ता का पर्याय, भारत की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ!
अपने अल्प जीवन में ही आपने न केवल अंतरिक्ष की दुनिया में अनेक उपलब्धियाँ प्राप्त कीं, अपितु बेटियों को सपने देखने और उसे साकार करने का साहस भी… pic.twitter.com/6qKshookjB
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 1, 2024
उल्लेखनीय है कि 17 मार्च 1962 को हरियाणा के करनाल में जन्मी कल्पना चावला पहली भारतीय मूल की महिला थीं, जिन्हे अंतरिक्ष में दो बार जाने का अवसर मिला था। साल 1988 में कल्पना चावला की नासा के एम्स रिसर्च सेंटर में नौकरी लगी। सालों मेहनत के बाद आखिरकार साल 1995 में उन्हें अंतरिक्ष यात्री के तौर पर चुना गया । उनकी पहली यात्रा 19 नवंबर साल 1997 से लेकर पांच दिसंबर तक 1997 तक चली। इसके बाद 16 जनवरी 2003 को कल्पना ने अपनी दूसरी और आखिरी अंतरिक्ष यात्रा शुरू की। यह 16 दिन का मिशन था। मिशन के दौरान आज ही के दिन साल 2003 में कोलंबिया स्पेस शटल दुर्घटना में उनका निधन हो गया था।
हिन्दुस्थान समाचार/ मयंक/मुकेश