[ad_1]

जयपुर, 25 जनवरी (हि.स.)। पुलिस मुख्यालय की स्पेशल टीम क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी क्राइम ब्रांच) टीम ने दस हजार की इनामी महिला मुलजिम सम्पत्ति मीणा को अलवर के प्रतापगढ़ थाना इलाके से पकड़ा है। बारह साल पहले सवाई माधोपुर के बामनवास थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपिता फरार हो गई और अलवर में दूसरी शादी कर रहने लगी थी। महिला को बामनवास पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस अपराध एवं एजीटीएफ दिनेश एम एन ने बताया कि गैंगस्टर,हार्डकोर, वांछित इनामी अपराधियों इत्यादि के बारे में आसूचना संकलन के लिए अलग-अलग शहरों में टीमें भेज जानकारी जुटाई जा रही है। इसी दौरान टीम सदस्य कांस्टेबल मोहन को 12 साल से वांछित दस हजार की इनामी महिला अभियुक्ता के बारे में इनपुट प्राप्त हुए।
एडीजीएमएन ने बताया कि इस पर आईजी प्रफुल्ल कुमार के पर्यवेक्षण व एडिशनल एसपी राजेश मलिक के सुपरविजन में हेड कांस्टेबल महेंद्र कुमार, कांस्टेबल मोहन लाल व रामअवतार को अलवर रवाना किया गया। जिन्होंने सूचना की पुष्टि के बाद महिला आरोपिता की दस्तयाबी के लिए प्रतापगढ़ थाने से महिला कांस्टेबल सहित जाब्ता की सहायता प्राप्त कर पुरिया का मुवाडा जगन्नाथपुरा गांव से सम्पत्ति मीणा हाल पत्नी कैलाश मीणा को दस्तयाब किया।
महिला आरोपिता संपत्ति मीणा की पहली शादी धोली पाल खुर्रा थाना मण्डावरी जिला दौसा निवासी हेमराज मीणा के साथ हुई थी। वर्ष 2012 में महिला सम्पत्ति, इसके पति हेमराज और अन्य 8-10 व्यक्तियों ने पुरानी रंजिश के चलते नारोली चोड थाना बामनवास निवासी बुधराम, रामकेश और रामप्रसाद पर लाठी-डंडों और गंडासी इत्यादि से जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। घटना के बाद नामजद महिला आरोपिता संपत्ति फरार हो गई और अलवर आकर जगन्नाथ पुरा गांव निवासी कैलाश मीणा के साथ दूसरी शादी कर रहने लगी थी।
हिन्दुस्थान समाचार/ दिनेश/संदीप