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पहली बार पहले ही दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर शुरू होगी चर्चा
बीएसी की बैठक में कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार
चंडीगढ़, 19 फरवरी (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार से शुरू होने जा रहा है। बजट सत्र को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस बार बजट सत्र में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। विधानसभा सचिवालय के अनुसार मंगलवार को सुबह 11 बजे बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होगी।
सोमवार को विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बिजनेस सलाहकार समिति की बैठक में सत्र की अवधि तय की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पूर्व मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, गृह मंत्री अनिल विज, संसदीय कार्य मामले मंत्री कंवर पाल गुर्जर, डिप्टी स्पीकर रणबीर सिंह गंगवा व विधानसभा सचिव राजेंद्र सिंह नांदल मौजूद रहे।
बजट सत्र की शुरूआत राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के अभिभाषण के साथ होगी। राज्यपाल इस अभिभाषण के माध्यम से सरकार की उपलब्धियां बताने के अलावा अगला रोडमैप पेश करेंगे। सरकार इस बार राज्यपाल के अभिभाषण तथा बजट में अल्प अवधि की योजनाओं का ऐलान कर सकती है। क्योंकि इसी साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी होने जा रहे हैं।
मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन में शोक प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस बार सत्र में रोजाना दो सीटिंग होंगी। मंगलवार को सदन में पहली बार ऐसा होगा जब राज्यपाल के अभिभाषण पर उसी दिन चर्चा शुरू हो जाएगी। बुधवार को भी राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी और मुख्यमंत्री इस पर जवाब देंगे। 23 फरवरी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करेंगे।
राज्यपाल के अभिभाषण की तरह इस बार बजट वाले दिन भी दो सीटिंग होंगी। जिसके चलते दूसरे सत्र में उसी दिन बजट पर चर्चा शुरू हो जाएगी। 24 व 25 फरवरी को अवकाश रहेगा। 26 फरवरी की सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होगी। 26 व 27 फरवरी को बजट पर चर्चा के बाद 27 को दूसरी सीटिंग में बजट को पास करवाया जाएगा। 28 फरवरी को बजट सत्र का अंतिम दिन होगा। इस दिन सदन में विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सत्र की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए थी। बजट सत्र बेहद औपचारिकता साबित होने जा रहा है। सभी विधायकों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलेगा। चुनावों की जल्दबाजी में सरकार बजट सत्र के नाम पर मजाक कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/सुनील