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-आंदोलन संविधान में अवैध नहीं है, हम ”सीएए” का विरोध करेंगे
गुवाहाटी, 12 मार्च (हि.स.)। देश में सीएए लागू होने के बाद कांग्रेस ने आज प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा और सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि असम में विदेशियों की समस्या लंबे समय से है। हम उसके शिकार हैं। नागरिकता की तारीख 24 मार्च, 1917 तय की गई है। 24 मार्च, 1917 को असम ने विदेशियों को रखकर दरियादिली दिखाई।
आसू और राजीव गांधी ने असम समझौता किया। हम असमिया लोगों ने हमेशा असम समझौते को स्वीकार किया है। असम नए लोगों को नहीं ले सकता। चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, ईसाई हो, जैन हो। यही बात मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने भी कही। मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि हम और लोगों को नहीं ले सकते। चुनाव से पहले नए कानून को लागू करना राजनीति से प्रेरित है। यह कानून देश को बर्बाद करने के लिए लाया गया है। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। 16 विपक्षी दलों और कांग्रेस ने विरोध जताया है। मैं हड़ताल पर रहा हूं। मुझे आज सुबह पुलिस का नोटिस मिला। इसमें कहा गया है कि आंदोलन अवैध है। संविधान में ऐसा कुछ नहीं लिखा है।
कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगर उन्होंने विरोध किया तो वह राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करा देंगे। लेकिन, कानून में ऐसी कोई बात नहीं लिखी है। मुख्यमंत्री और गृह विभाग ने जनता को गुमराह करने और कुछ संगठनों को डराने के लिए ऐसी बातें कही हैं। यह एक धमकी है। मुख्यमंत्री को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा, हम शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। असम पुलिस को आंदोलनकारियों की जिम्मेदारी लेनी होगी। मैं आंदोलनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्चतम् न्यायालय जाऊंगा। सभी संगठन, बुद्धिजीवी, व्यक्ति अलग-अलग इसका विरोध कर रहे हैं। ऐसा नहीं करें। ”सीएए” का विरोध करने के लिए एकत्रित आंदोलन करने के लिए साथ आएं।
उन्होंने कहा, विचारधारा के आधार पर असहमति होते हुए भी, वैचारिक मतभेद होने पर भी संकट के समय एकजुट होकर विरोध करें। हमें आंदोलन करना है। आसू, जातीयतावादी युवा छात्र परिषद को आंदोलनकारियों का प्रभार लेना चाहिए। हम आपके नेतृत्व में आंदोलन शुरू करने के लिए तैयार हैं। हम स्वाभिमान के लिए राजनीतिक अहंकार छोड़ने के लिए तैयार हैं। हमारा आंदोलन तीन जगहों पर चलेगा। अदालतों में, सड़कों पर और मतपेटियों में। हर जगह विरोध प्रदर्शन करना होगा।
असम सरकार के पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल राज्य कांग्रेस के कृष्णा शर्मा को भूपेन बोरा ने कोर्ट में ”सीएए” के खिलाफ लड़ने की जिम्मेदारी दी। उन्होंने कृष्णा शर्मा से एक कानूनी टीम बनाने और जल्द से जल्द कानूनी लड़ाई शुरू करने का आग्रह किया। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के नवनियुक्त राजनीतिक सलाहकार प्रद्युत बोरा ने भाग लिया।
हिन्दुस्थान समाचार /श्रीप्रकाश/अरविंद