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– कुष्ठ उन्मूलन पखवाड़ा और दस्तक अभियान का शुभारंभ
भोपाल, 30 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मंगलवार को कुष्ठ निवारण दिवस का आयोजन सिविल डिस्पेंसरी कमला नगर में किया गया। इस अवसर पर कुष्ठ उन्मूलन पखवाड़ा और दस्तक अभियान का शुभारंभ नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में हितग्राहियों को एमसीआर पादुका, ग्रिप ऐड एवं सेल्फ केयर किट प्रदान की गई।साथ ही दस्तक अभियान के तहत बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई गई। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत कुष्ठ उन्मूलन पखवाड़े का आयोजन 30 जनवरी से 13 फरवरी की अवधि में किया जा रहा है। इसी प्रकार दस्तक अभियान का द्वितीय चरण भी 30 जनवरी से 28 फरवरी तक संचालित होगा।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं मौन धारण कर श्रद्धांजलि समर्पित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों द्वारा कुष्ठ के प्रति फैले भेदभाव एवं अंधविश्वास को दूर करने की शपथ ली गई। इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि शासन द्वारा न सिर्फ गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा नि: शुल्क दी जा रही है, वरन मरीजों को दैनिक क्रियाकलापों में परेशानी ना हो, इसके लिए विशेष रूप से बनी चप्पलें, बर्तन और सेल्फ केयर किट भी दी जा रही है। कुष्ठ रोगियों से भेदभाव ना करके उनके साथ उपचार और जीवन जीने में मदद करना सबका नैतिक दायित्व है।
कार्यक्रम में दस्तक अभियान अंतर्गत बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाने का आग्रह किया गया। यह दवा बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। सूर्यवंशी ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर व्यक्ति अपने कार्यों को सौ फीसदी ईमानदारी से पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने भोपाल को स्वच्छता के लिए अग्रणी बनाने हेतु सभी लोगों के सहयोग का आग्रह करते हुए कहा कि व्यक्तिगत और सामाजिक स्वच्छता को अपनाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है। नगर निगम अध्यक्ष द्वारा स्वास्थ्य संस्था का भ्रमण कर संस्था में दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। इस दौरान अशासकीय संगठन वृद्धमित्र द्वारा वृद्धजनों को दी जा रही सेवाओं की सराहना की।
कार्यक्रम में कुष्ठ रोग से ठीक हो चुके लोगों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए। शिविर में कुष्ठ रोग से होने वाली विकृतियों से बचाव के लिए जल तेल उपचार दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि कुष्ठ उन्मूलन पखवाड़े के तहत 30 जनवरी से 13 फरवरी तक जिले की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में पी ओ डी शिविर, स्किन स्क्रीनिंग कैंप एवं कुष्ठ रोगियों के संपर्क में आए मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से उपचार योग्य है। एमडीटी या बहू औषधि उपचार के नियमित सेवन से विकृतियों से बचाव एवं संक्रमण रुकता है। रोग की शीघ्र पहचान और दवा का पूरा कोर्स, कुष्ठ रोग से होने वाली विकलांगता से बचाता है। छूने, साथ खेलने या एक साथ काम करने से यह रोग नहीं फैलता है। लेकिन अनुपचारित रोगियों के साथ नजदीकी और लगातार संपर्क से रोग का संचरण बढ़ सकता है। कुष्ठ रोग का उपचार सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क उपलब्ध है। बीमारी के लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्था या आशा एवं एएनएम से संपर्क कर इसकी जांच करवाई जा सकती है। कुष्ठ रोग के शीघ्र उन्मूलन के लिए यह आवश्यक है कि कुष्ठ के लक्षणों की शीघ्र पहचान करके उसका पूरा उपचार लिया जाए।
दस्तक अभियान के आयोजन के संबंध में डॉ. तिवारी ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए 30 जनवरी से 28 फरवरी तक संचालित दस्तक अभियान के द्वितीय चरण में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। 6 माह के अंतराल में विटामिन ए पिलाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता की वृद्धि के साथ-साथ कुपोषण में कमी आती है एवं बाल जीवितता में 20% तक की वृद्धि की जा सकती है। इसके साथ ही दस्तक अभियान में 6 माह से 5 साल के बच्चों की हिमोग्लोबिन जांच कर थेराप्यूटिक प्रबंधन भी किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश