[ad_1]


अयोध्या, 21 जनवरी (हि.स.)। अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को देखते हुए जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया है। अयोध्या में अभेद्य सुरक्षा है। मंदिर परिसर की सुरक्षा एसपीजी को सौंपी गई है जबकि यूपी एटीएस, एसटीएफ और सीआरपीएफ सहित तमाम सुरक्षा बल मुस्तैदी से तैनात हैं, ताकि यहां पर परिंदा भी पर न मार सके।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजी) कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार ने रविवार को यह बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए बहुत महत्वपूर्ण क्षण है। इतनी बड़ी चुनौती है तो यह हमारे लिए एक बड़ा अवसर भी है। वीवीआईपी और वीआईपी के लिए श्रेणीबद्ध तरीके से उचित सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के लिए, बैठने की व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की गई है और वहां पुलिस भी तैनात है। हमने मंदिर परिसर और परिसर में लगाए गए सीसीटीवी में एआई तकनीक का भी उपयोग किया है। आसपास के इलाके, इसके अलावा, लगभग 10,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इतने बड़े कार्यक्रम को देखते हुए आयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सीमाओं को अगले आदेश तक के लिए सील कर दिया गया है। भारत-नेपाल बार्डर पर सघन चेकिंग हो रही है। जिला प्रशासन के आदेश पर ही कुछ वाहनों को जाने दिया जा रहा है।
एसपीजी के कब्जे में कार्यक्रम स्थल
डीजी ने बताया कि कार्यक्रम के दृष्टिगत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले ही एसपीजी ने कार्यक्रम स्थल को अपने कब्जे में ले लिया है। पांच स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में शामिल सभी सुरक्षा एजेंसियों के जवानों की ब्रीफिंग करके दिशा-निर्देश दिए गए हैं। रविवार से रामनगरी में प्रवेश वर्जित होगा, हालांकि आवश्यक सेवाएं संचालित रहेंगी।
वीआईपी के ठहरने वाले स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई
अयोध्या कार्यक्रम में आने वाले कई बड़े उद्योगपति, अभिनेता, अभिनेत्री, खिलाड़ी, साधु संत और बड़ी हास्तियों के लिए ठहरने की उच्च व्यवस्था की गई है। वीवीआईपी के ठहरने वाले स्थानों व होटलों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। यहां पर किसी को भी आने-जाने नहीं दिया जा रहा है।
छतों पर तैनात जवान, ड्रोन से हो रही निगरानी
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर शनिवार की रात से ही सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री मोदी समेत अन्य अतिथियों के गुजरने वाले मार्ग पर फोर्स तैनात है। मार्ग के पास रहने वाले मकानों का सत्यापन कर लिया गया है। इन मकानों की छतों पर भी कार्यक्रम के दौरान सशस्त्र जवान मुस्तैद रहेंगे। साथ ही अयोध्या धाम को जाने वाले मार्ग उदया चौराहा, साकेत पेट्रोल पंप, रानोपाली, टेढ़ी बाजार, मोहबरा, बूथ नंबर चार, बालूघाट, नयाघाट, रेलवे स्टेशन आदि पर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त है। यहां सिविल पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों के जवान भी तैनात किए गए हैं। किसी को भी यहां से वाहन लेकर अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। जवान अत्याधुनिक हथियार से लैस किए गए।
1450 जवान श्रीराम जन्मभूमि की सुरक्षा में तैनात
श्रीराम जन्मभूमि की सुरक्षा में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल के 1450 जवान तैनात किए गए हैं। अपर पुलिस महानिदेशक एलवी एंटनी देव कुमार स्वयं मॉनीटरिंग कर रहे हैं। यूपीएसएसएफ के जवान रामजन्म भूमि परिसर, गर्भगृह और पेट्रोलिंग ड्यूटी के साथ रेड जोन की सुरक्षा में लगाए गए हैं।
एनडीआरएफ की टीमों ने संभाला मोर्चा
उपमहानिरीक्षक 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ वाराणसी मनोज कुमार शर्मा के नेतृत्व में वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर से विशेष रूप से प्रशिक्षित एवं चिह्नित टीमों को तैनात किया गया है। तीन टीमें लगाई गई हैं, जिसमें एक टीम सरयू नदी में विभिन्न घाटों पर रेस्क्यू मोटर बोट, गोताखोर, पैरामेडिकल, लाइफ जैकेट इत्यादि के साथ तैनात है। दूसरी टीम केमिकल बाॅयोलॉजिकल रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर आपदा के लिए मौजूद तो तीसरी दूसरी टीम स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू के लिए लगाई है।
51 स्थानों पर होगी पार्किंग
यातायात पुलिस के मुताबिक, आयोध्या में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए 51 स्थानों पर 22,825 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों के वाहनों की पार्किंग के लिए सुदृढ़ किए गए हैं। पार्किंग को लेकर किसी श्रद्धालू को कोई दिक्कत नहीं होगी।
प्रशासन का सहयोग करें अयोध्यावासी
अयोध्या क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र गौतम ने बताया कि रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हो रहा है। कई वर्षों के बाद हमें यह मौका मिला है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सहित कई बड़ी हस्तियां शामिल हैं। अयोध्या के लोग मेजबान हैं, इसलिए व्यवस्था में प्रशासन का सहयोग करें।
हिन्दुस्थान समाचार/दीपक/दिलीप