[ad_1]
भाजपा व एनडीए के साथ नहीं कोई राजनीतिक रिश्ता
चंडीगढ़, 20 मार्च (हि.स.)। हरियाणा में साढ़े चार साल तक भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार चलाने वाले जननायक पार्टी के दुष्यंत चौटाला ने ऐलान किया है कि वह करनाल में लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगे। इससे साफ हो गया कि करनाल में जजपा पूर्व और मौजूदा मुख्यमंत्री का मुकाबला करेगी।
बुधवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पिछले चुनाव में हमारी चाबी से विधानसभा का ताला खुला था। इस बार ताला भी हमारा होगा और चाबी भी हमारी होगी। चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में नांगल चौधरी के पूर्व विधायक राव बहादुर सिंह को कांग्रेस छोड़क़र जजपा में शामिल कराने के बाद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भाजपा की सरकार जाने के बाद उन्होंने नये मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था कि किसानों की बर्बाद फसल का पैसा उनके खातों में स्थानांतरित करा दिया जाए। मगर अब आचार संहिता लग गई है और उन्हें कई माह तक इंतजार करना पड़ेगा।
दुष्यंत चौटाला ने इस बात से इनकार किया कि जजपा का भाजपा के साथ गठबंधन सिर्फ सरकार चलाने तक सीमित था। उन्होंने ऐसा कहने वाले भाजपा नेताओं से सवाल पूछा कि यदि हमारी सरकार चलाने के साथ-साथ राजनीतिक गठबंधन नहीं होता तो फिर हमें एनडीए का हिस्सा क्यों माना गया और क्यों हमें एनडीए की बैठकों में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि जिस तरह बाढ़ आने के बाद किसान की सारी फसल खराब हो गई, मगर अगले दिन ही नई पनीरी लगाकर उसने पहले से अधिक फसल प्राप्त की, उसी तर्ज पर हम भी जजपा को सत्ता में लाने का काम करेंगे। जजपा का संगठन धरातल पर सबसे अधिक मजबूत है।
भाजपा सरकार गिरने के बाद दुष्यंत चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल से हुई अपनी मुलाकात पर कहा कि मेरी उम्र 35 साल है और उनकी उम्र 69 साल है। हमने साढ़े चार साल एक साथ काम किया। दोनों में कभी कोई मनमुटाव नहीं हुआ। एक दूसरे से बहुत कुछ सीखा। ताऊ देवीलाल का प्रपौत्र होने के नाते मेरे संस्कार मुझे यही अनुमति देते हैं कि मैं मनोहर लाल का धन्यवाद करने जाऊं। उन्होंने कहा कि हमें लोकसभा चुनाव की तैयारी का पूरा समय मिल गया है। राजनीतिक मामलों की कमेटी जल्दी ही प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी, जिसके आधार पर तय होगा कि हम कितनी सीटों पर किस प्रारूप में चुनाव लडऩे जा रहे हैं। उन्होंने युवा और महिलाओं को राजनीति में आगे लाने के संकेत दिए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/सुनील