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वाराणसी, 20 जनवरी (हि.स.)। काशी के दशाश्वमेधघाट पर होने वाली सायंकालीन गंगा आरती 22 जनवरी को रामलला को समर्पित होगी। गंगा आरती में अद्भुत नजारा दिखेगा। इसके लिए गंगा सेवा निधि ने पूरी तैयारी की है।
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि भगवान शिव के आराध्य भगवान राम के अयोध्या में बन रहे भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हो रहा है। इस ऐतिहासिक क्षण को काशीवासी समेत गंगा सेवा निधि हर्षोल्लास के साथ मनानाएगी। दशाश्वमेध घाट पर पहले फूलों से राम मंदिर दरबार को भव्य रूप से सजाया जाएगा। इस दिन एक बार फिर गंगा तट पर भव्य दिव्य अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि 09 अर्चकों द्वारा महाआरती का आयोजन होगा। श्री राम दरबार की आरती उतार काशी से शुभकामनाएं दी जाएगी। शंखनाद से मां गंगा की आरती शुरू होगी। घंट-घड़ियाल और डमरू की आवाज व वैदिक मंत्रों से पूरे घाट को राममय किया जाएगा। साथ ही प्रभु श्री राम से लोक कल्याण के लिए प्रार्थना की जाएगी साथ ही राम कीर्तन भी होगा। इस दौरान दशाश्वमेधघाट को 11 हजार श्रीराम दीपों से सजाया जाएगा।
गौरतलब है कि 1991 में वाराणसी में सबसे पहले गंगा आरती की शुरुआत गंगा सेवा निधि ने दशाश्वमेध घाट पर शुरू की थी। तब से लगातार सूर्यास्त के बाद आरती की जाती है। जहां देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु एवं पर्यटक इस महाआरती के प्रतिदिन साक्षी होते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/पवन