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जोधपुर, 18 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान उच्च न्यायालय के नए परिसर में गुरुवार को आसाराम के समर्थकों ने आसाराम के वकील के साथ मारपीट कर डाली। आसाराम की पैरवी करने के लिए दिल्ली से आए अधिवक्ता विजय साहनी से आसाराम के समर्थकों ने गाली गलौज करते हुए मारपीट कर दी।
दरअसल आज आसाराम की ओर से पेश की गई याचिका पर हाईकोर्ट मुख्यपीठ के कोर्ट नंबर 4 में सुनवाई होनी थी। इस याचिका में आसाराम का पक्ष रखने के लिए दिल्ली से अधिवक्ता विजय साहनी जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट के नए परिसर में आए हुए थे। जब वे पार्किंग में खड़ी अपनी कार के पास पहुंचे तो कुछ आसाराम समर्थक उनके पास आए और उनसे गाली-गलौज करने लगे। इस दौरान अधिवक्ता विजय साहनी और उनके साथ आए एक व्यक्ति के साथ इन लोगों ने मारपीट कर दी। आसाराम के समर्थकों ने मारपीट के दौरान अधिवक्ता से कहा कि इतने सालों में भी तुम वकील लोग न्याय नहीं दिला पाए। इस घटना के बाद राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। वकीलों ने मारपीट करने वाले आसाराम के समर्थकों को पकड़ा। दो युवक अधिवक्ताओं के हत्थे चढ़ गए। इसके बाद इन्हें कोर्ट परिसर में मौजूद चौकी में ले जाया गया, जहां से कुड़ी थाना पुलिस को सुपुर्द किया गया। पीडि़त अधिवक्ता ने दोनों के खिलाफ लिखित शिकायत कुड़ी थाने में पेश की है।
इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी है। राजस्थान हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रतनाराम ठोलिया ने कहा कि अधिवक्ताओं का काम कोर्ट में याचिका करता का पक्ष रखना है, फैसला देना नहीं। इस तरह से अधिवक्ताओं पर किए गए हमले बर्दाश्त से बाहर है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि राजस्थान सरकार के पास एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना पेंडिंग पड़ा है। जल्द से जल्द सरकार इस एक्ट को लागू करे। राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद पुरोहित ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश को लेकर बने नियमों को सख्त किए जाने की जरूरत है। याचिकाकर्ता और अधिवक्ता के अलावा सामान्य लोगों को कोर्ट में प्रवेश नहीं दिए जाने का नियम है लेकिन यह लोग कैसे अंदर आ गए। इस तरह से पीडि़तों को न्याय दिलाने वाले अधिवक्ताओं पर यदि हमले होंगे तो अधिवक्ता अपने कर्तव्यों का निर्वाह कैसे करेंगे?
एक संशय यह भी
आसाराम को गिरफ्तार किए जाने के बाद ऐसा कई बार हुआ है कि उनके समर्थक पुलिसकर्मियों, अधिवक्ताओं और मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट करके वहीं पर खड़े रहते हैं और अपने आप को गिरफ्तार करवा देते हैं। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि वह आसाराम से मिलने के लिए सेंट्रल जेल में जाना चाहते हैं इसलिए इस तरह की हरकत को अंजाम देते हैं। कहीं इस बार भी अधिवक्ता से मारपीट के पीछे यही कारण तो नहीं यह पुलिस जांच के बाद पता चल पाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार/सतीश/संदीप