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जम्मू, 3 मार्च (हि.स.)। जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग ने जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ब्लॉक में सतत विकास के लिए जैविक विज्ञान में प्रगति पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आईसीएबीएसएसडी – 2024 का आयोजन किया। इस मेगा कार्यक्रम में देश और विदेश के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, उद्यमियों और उद्योगपतियों ने भाग लिया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव जैन उपस्थित थे। प्रोफेसर मनोज धर, निदेशक, एसीएसआईआर उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि थे, जबकि प्रोफेसर बेचन लाल, कुलपति, क्लस्टर यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू सम्मानित अतिथि थे।
सम्मेलन के संयोजक डॉ. अशोक यादव ने जैविक और तकनीकी प्रगति की दुनिया में सतत विकास के महत्व पर जोर देते हुए सम्मेलन का अवलोकन दिया। प्रतिभागियों की बड़ी संख्या के कारण, सम्मेलन की कार्यवाही तीन समानांतर तकनीकी सत्रों में की गई। तकनीकी सत्रों में एसीएसआईआर के निदेशक प्रो. मनोज धर द्वारा विश्व खाद्य उत्पादन में तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से वैश्विक भूख से निपटने पर मुख्य व्याख्यान शामिल था। दूसरे मुख्य वक्ता अमेरिका के तेल अवीव विश्वविद्यालय में जीवन विज्ञान संकाय के प्रोफेसर नोगा कोर्नफील्ड – स्कोरर थे। प्रोफेसर नोगा ने अपने प्रवचन के दौरान विभिन्न प्रजातियों पर प्रकाश प्रदूषण के प्रभाव पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन के दूसरे दिन तीन तकनीकी समानांतर सत्र विशेषज्ञता के विभिन्न क्षेत्रों पर मुख्य व्याख्यान के साथ शुरू हुए। मुख्य वक्ता जम्मू के क्लस्टर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बेचन लाल थे जिन्होंने मछली एंडोक्रिनोलॉजी पर व्याख्यान दिया। संयुक्त राज्य अमेरिका से प्रोफेसर केविन लिन ने न्यूरोलॉजी पर व्याख्यान दिया। अन्य आमंत्रित वक्ताओं में मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए से प्रो. नीरा तिवारी सिंह, मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए से डॉ. आशीष द्विवेदी, कोलंबिया मिसौरी से डॉ. रत्नाकर त्रिपाठी, बी.एच.यू. से प्रो. सिंगारवेल, जेएनयू से प्रो. एस.के. झा और अन्य अन्य शामिल थे।
हिन्दुस्थान समाचार/राहुल/बलवान