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शिमला,16 फरवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान राज्य की विकास दर 7.1 फीसदी रहने का अनुमान है। शुक्रवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने साल 2023-24 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। जिसमें उन्होंने वर्तमान कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद दो लाख सात हजार 430 करोड़ रुपये अनुमानित बताया है।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण में प्रति व्यक्ति आय दो लाख 35 हजार 199 रुपये अनुमानित है। प्रति व्यक्ति आय में बीते साल के मुकाबले 11.7 फीसदी की वृदि की संभावना है। वर्ष 2022-23 के अग्रिम अनुमानों के अनुसार प्रति व्यक्ति आय दो लाख 18 हजार 788 रुपये अनुमानित है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सदन में बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार हिमाचल प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 2023-24 के लिए अनुमानित राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय से 49 हजार 345 अधिक है।
आर्थिक सर्वेक्षण में जीडीपी पिछले वित्तीय साल की तुलना में चालू वित वर्ष 2023-24 के दौरान 9 हजार 428 करोड़ अधिक बढ़ने का अनुमान है। राज्य के प्रथम अग्रिम अनुमानों के अनुसार वितीय वर्ष 2023-24 के दौरान वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि 7.1 प्रतिशत होगी, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह 6.9 प्रतिशत थी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण में वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य का वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद या स्थिर कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद एक लाख 42 हजार 800 करोड़ के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि वितीय वर्ष 2022-23 के लिए जीडीपी का अनंतिम अनुमान एक लाख 33 हजार 372 करोड़ रहने का अनुमान है। आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के दौरान नामिनल जीडीपी में वृद्धि वित्तीय वर्ष 2022-23 के 11.4 प्रतिशत की तुलना में 8.2 प्रतिशत अनुमानित है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि अग्रिम अनुमानों के अनुसार सेवा क्षेत्र के लिए कीमतों पर वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 54 हजार 253 करोड़ होने का अनुमान है, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह 50 हजार 520 करोड़ था, जो पिछले साल की तुलना में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाता है। आर्थिक सर्वेक्षण में वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान विनिर्माण क्षेत्र में 8.9 फीसदी की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो उद्योग क्षेत्र में दूसरी सबसे ऊंची वृद्धि दर है। वहीं मौजूदा वित्तीय वर्ष के अग्रिम अुनमान के अनुसार प्रचलित भावों पर उद्योग क्षेत्र 82 हजार 658 करोड़ अनुमानित है। सुक्खू ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 2018-19 में 42.02 प्रतिशत और 2020-21 में 42.07 प्रतिशत थी, जो 2023-24 अग्रिम अनुमानों में बढ़कर 43.50 प्रतिशत रही। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार हिमाचल में बहुआयामी गरीबी दर 2013-14 में 10.14 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 3.88 प्रतिशत हो गई और इस अवधि के दौरान लगभग 4.67 लाख लोग गरीबी से उभरे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/सुनील/सुनील