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हमीरपुर,18 जनवरी (हि.स.)। विवादित ढांचा विध्वंस के बाद तात्कालीन बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक विनय कटियार को दिल्ली से महंत अवैद्यनाथ के आवास से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली से अयोध्या(फैजाबाद) लाने वाले इंस्पेक्टर ने कहा कि राम जन्मभूमि को मुक्त करने में पुलिस और अर्ध सैनिक बलों का भी बहुत बड़ा योगदान था। इसको नकारा नहीं जा सकता है।
सुमेरपुर क्षेत्र के पंधरी गांव निवासी श्याम सुंदर सिंह बतौर एसआई राम जन्मभूमि न्यास थाने में तैनात थे। उन्होंने 1992 में हुए विवादित स्थल के विध्वंस का संस्मरण सुनाते हुए बताया कि साधु-संतों के अलावा पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों का राम जन्मभूमि मुक्त कराने में बहुत बड़ा योगदान है।
उन्होंने बताया कि जिस समय विवादित स्थल को ध्वस्त किया गया और रामलला को बाहर निकालकर चबूतरे में रखा गया था। उस वक्त उन्होंने पीएसी के कंपनी कमांडर रणवीर सिंह जाट के साथ मिलकर टेंट की व्यवस्था कराई थी। बाबरी विध्वंस के बाद दर्ज हुए मुकदमे में अन्य नेताओं के साथ बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक विनय कटियार की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी।
बड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने विनय कटियार को दिल्ली जाकर महंत अवैद्यनाथ के आवास से हिरासत में लिया और मथुरा होते हुए फैजाबाद लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि विवादित ढांचा ढहाने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह अयोध्या पहुंचे थे और गुलाबबाड़ी में जनसभा को संबोधित करते हुए विध्वंस को बड़ी जीत बताया था। इसके बाद कल्याण सिंह की सरकार बर्खास्त हो गई थी।
उन्होंने बताया कि विवादित स्थल के विध्वंस में सुरक्षा बलों का बहुत बड़ा सहयोग था। अगर पुलिस और अर्धसैनिक बल सहयोग नहीं करते तो शायद विध्वंस नहीं होता। उन्होंने कहा कि वहां के उस समय के तमाम किस्से हैं। जिन्हें उजागर नहीं किया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/राजेश