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हमीरपुर, 16 फ़रवरी (हि.स.)। ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी हमीरपुर द्वारा शोध संस्थान के संस्थापक ठाकुर रामसिंह के 109वें जन्मदिवस पर शुक्रवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस असवर पर प्रो. प्रेम कुमार खोसला, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. गौतम व्यथित, सेवानिवृत सह-आचार्य एवं डॉ. किस्मत कुमार मुख्यवक्ता के रूप में रहे। इस अवसर प्रो. प्रेम कुमार खोसला ने कहा कि ठाकुर राम सिंह ने इतिहास को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।
उन्होंने कहा कि आज आधुनिकता के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना समय की जरूरत है। हमें अपनी समृद्ध संस्कृति को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से समाज में तेजी से परिवर्तन देखा जा रहा है, जिसके कारण आज की युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और संस्कारों से विमुख होती जा रही है। जिसके लिए आज समय आ गया है हमें अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए युवा वर्ग को महापुरुषों की जीवनियों का अध्ययन करना चाहिए। ताकि वह समाज को नई दिशा प्रदान कर सकें।
प्रो. खोसला ने कहा कि हम पुरातन परम्पराओं को भूलते जा रहे है और हमने रोजमर्रा के कार्य में भी काफी बदलाव ला दिया है। जिसके कारण हमारा जीवन नीरस होता जा रहा है। इसलिए हमें अपनी सभ्यता व संस्कृति पर पुनः विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने आह्वान किया कि महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और शोध संस्थान केन्द्रों में नई पुस्तकों का अध्ययन करके शोध के कार्यों में भी बल देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इतिहास और सांस्कृतिक परम्पराएं हमारी पहचान होती हैं और इनको बनाए रखने के लिए नई-नई पुस्तकों का अध्ययन करना बहुत जरूरी है। जिसके कारण हम अपने इतिहास और संस्कृति को जीवित रख सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/विशाल/सुनील