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–जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी : प्रो. धनंजय यादव
प्रयागराज, 29 फरवरी (हि.स.)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ सुग्रीव सिंह ने कहा कि जीवन में सफलता के तीन मंत्र हैं। सही समय पर सही सोच के साथ सही दिशा में कदम आगे बढ़ाने पर सफलता मिलती है। सफलता किसी दूसरे की मेहनत से हासिल नहीं हो सकती। ईश्वर भी उसी की मदद करते हैं जो अपनी मदद स्वयं करता है।
शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. धनंजय यादव ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी भी तरह की सफलता प्राप्त करने के लिए परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है। लक्ष्य केन्द्रित करके सही दिशा में कठोर परिश्रम करके सफलता प्राप्त किया जा सकता है। जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
गुरुवार को शिक्षाशास्त्र विभाग के मार्गदर्शन एवं परामर्श प्रकोष्ठ तथा विश्वविद्यालय सेवा योजना सूचना एवं मंत्रणा केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षाशास्त्र के स्नातक एवं परास्नातक स्तर के विधार्थियों के लिए “विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता कैसे पाएं और जीवन को कैसे बेहतर बनाएं” विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी रूपरेखा मार्गदर्शन एवं परामर्श सेल के समन्वक डॉ पतंजलि मिश्रा द्वारा तैयार की गई थी।
विश्वविद्यालय सेवा योजना सूचना एवं मंत्रणा केंद्र के अभिषेक श्रीवास्तव ने मन को नियंत्रित करने के उपाय बताए तथा कहा कि हमें जीवन में कभी हताश नहीं होना चाहिए, निरंतर आगे बढ़ता रहना चाहिए। कार्यक्रम का मार्गदर्शन एवं परामर्श सेल के सह समन्वक डॉ देवी प्रसाद सिंह ने कहा कि मनुष्यता की रचना करना शिक्षा का परम उद्देश्य है। शिक्षा से संस्कृति, संस्कृति से संस्कार, संस्कार से उद्धार एवं मनुष्य का पूर्ण विकास होता है। डॉ जया कपूर ने बताया कि धन्यवाद ज्ञापन डॉ मनीष कुमार गौतम ने किया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के डॉ सरोज, डॉ रूचि, डॉ विवेक, डॉ अनामिका, डॉ तुषार, डॉ पंकज, डॉ वीरेंद्र, डॉ संगीता एवं डॉ शीलू शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त/आकाश