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-कांग्रेस सांसद बोले, सरकार ने मुझे आमंत्रण तो दिया पर कुछ भी बोलने से किया मना
-दिसंबर 2015 में मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की फाइल गुम होने की कही थी बात
रोहतक, 16 फ़रवरी (हि.स.)। कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने रोहतक-महम-हांसी सेक्शन पर 11 वर्षों के बाद ही सही रेल सेवा शुरू होने पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने इसको यूपीए सरकार में मंजूर कराया था। 28 जुलाई, 2013 को तत्कालीन रेल मंत्री व मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने हांसी में रेल-रोड रैली करके इसका शिलान्यास कर काम शुरू कराया था।
उन्होंने कहा कि रोहतक में आज के आयोजित कार्यक्रम में वह शामिल होना चाहता थे, लेकि अधिकारियों ने कहा कि वे अपने विचार नहीं रख सकता, तो क्या मैं भाजपा नेताओं के भाषण पर सिर्फ ताली बजाने जाता। उन्होंने बताया कि इस रेल लाइन को उन्होंने न सिर्फ मंजूर कराया, बजट मंजूर कराया बल्कि इसका शिलान्यास कराकर काम भी शुरू करवाया, लेकिन आज उसके उद्घाटन समारोह पर उन्हें ही बोलने से मना कर दिया गया तो ऐसा लगा कि सरकार उन्हें सिर्फ अपमानित करने के लिए बुला रही है। दीपेन्द्र हुड्डा ने रोहतक-महम-हांसी परियोजना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यूपीए सरकार से इस परियोजना को 09-नवम्बर-2011 को योजना आयोग से मंजूर कराया। साथ ही 15 नवम्बर-2011 को कांग्रेस की हुड्डा सरकार ने भूमि की पूरी लागत वहन करने की स्वीकृति दी।
वर्ष 2012-13 के रेल बजट में केन्द्र सरकार से फाइनल मंजूरी के साथ 385 करोड़ रुपया आवंटित कराकर 28-जुलाई 2013 को तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री मल्लिकार्जुन खडग़े और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने हांसी में रेल-रोड रैली करके रोहतक-महम-हांसी रेल परियोजना का शिलान्यास किया और प्रारम्भिक काम शुरु करा दिया था।
इस संबंध में कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार ने 7 अक्टूबर 2013 एवं 20 दिसंबर 2013 को भूमि अधिग्रहण की धारा 4 तथा 26-जून 2014 को भूमि अधिग्रहण की धारा छह के अन्तर्गत कार्रवाई शुरु कर दी थी। दिसंबर 2015 में मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की फाइल गुम होने की बात कही। जिसके बाद मैंने डाक के माध्यम से परियोजना की पूरी फाइल तुरन्त मुख्यमंत्री जी को मुहैया कराई। इतना ही नहीं चार साल तक बिना बात के लंबित पड़ी इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डाले जाने के विरोध में उन्होंने हांसी में और महम में धरना भी दिया था।
हिन्दुस्थान समाचार/अनिल/संजीव