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संयुक्त किसान मोर्चा पदाधिकारियों की हुई बैठक, एमएसपी की गारंटी कानून बनाने व किसान मजदूरों की कर्जा मुक्ति की मांग
रोहतक, 20 जनवरी (हि.स.)। संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक शनिवार को जसबीर स्मारक पर हुई, जिसमें किसान आंदोलन के लंबित मुद्दों पर राष्ट्रीय आवाहन के तहत 26 जनवरी को शहर में ट्रेक्टर मार्च निकालने का तय किया गया। साथ ही गावों में अभियान चलाने और यात्रा को कामयाब और शांतिपूर्ण तौर पर निकालने व रूट की योजना बनाई गई।
किसान सभा जिला प्रधान प्रीत सिंह ने बताया कि किसान आंदोलन के निलंबन के समय मोदी सरकार ने एमएसपी की गारंटी कानून बनाने, बिजली संशोधन कानून को वापिस लेने का वायदा किया था, लेकिन मोदी सरकार ने देश के किसानों के साथ विश्वशघात करते हुए किसानों की मांगो पर कोई कदम नहीं उठाया, जिसके खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने देश भर में दोबारा आंदोलन करने का निर्णय किया है जिसमे किसान मजदूरों की कर्जा मुक्ति, मनरेगा के काम के दिन बढ़ाने और छह सौ रुपए दिहाड़ी, फसल बीमा कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने, निजीकरण पर रोक लगा पक्के रोजगार देने की मांगो को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। किसान नेता रणधीर धामड ने बताया कि सभी किसान संगठनों ने शांतिपूर्ण तरीके से सरकारी परेड के बाद ट्रैक्टर मार्च निकालने का निर्णय लिया है।
इसके तहत किसान सुबह दस बजे अनाज मंडी रोहतक में एकत्रित होकर सभा करेंगे उसके बाद भिवानी चुंगी ,पुराना बस स्टैंड होते हुए शहर के बीच से दिल्ली बाई पास तक शांतिपूर्ण तरीके से ट्रेक्टर मार्च निकाला जायेगा। समापन दिल्ली बाय पास पर होगा। साथ ही उन्होंने सरकार पर किसानो की अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि सरकार खेती और कृषि को बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के हवाले करने का काम कर रही है ,जबरन किसानों के खेतों में बीमा मुआवजा दिए बिजली के टावर लगाए जा रहे है, जिसके चलते किसानों में भारी रोष है। इस अवसर पर मुकेश खासा, अनूप, सुनील मलिक, राजकुमार हुड्डा, सतनारायण हुड्डा व सुमित दलाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/ अनिल/संजीव