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गुवाहाटी, 16 जनवरी (हि.स.)। असम सरकार ने लखीमपुर में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा द्वारा दिया गया इस्तीफा अभी भी स्वीकार नहीं किया है, जो कार्यरत थे।
मिश्रा ने बीते 18 दिसंबर को राज्य के मुख्य सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया था जिसे आज यानी 16 जनवरी से लागू होना था।
उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव को लिखे इस्तीफा पत्र में एसपी मिश्रा ने लिखा था कि यह स्वतंत्रता का जीवन जीने के लिए आईपीएस से उनका बिना शर्त इस्तीफा है।
आईपीएस आनंद मिश्रा ने कहा कि उन्होंने पुलिस मुख्यालय से उनकी सर्विस बंद करने का अंतरिम आदेश देने का अनुरोध किया था। सरकारी आदेश की प्रति अभी तक नहीं मिलने के बावजूद, उन्होंने अपने कार्य की कार्यवाही को सुविधाजनक बनाने के लिए इसके लिए डीजीपी को लिखा है, हालांकि मिश्रा ने संकेत दिया कि इस प्रक्रिया में कुछ सप्ताह लग सकते हैं।
अपने इस्तीफे को स्वीकार न किए जाने या वापस लिए जाने की खबरों के बाद एक ट्वीट में आनंद मिश्रा ने एक्स पर लिखा कि आधिकारिक अधिसूचना लंबित रहने तक मुझे आगे बढ़ने में मदद करने के लिए प्रभार छोड़ने की अनुमति दी जाए।
इससे पहले, राज्यपाल की अधिसूचना के अनुसार, पुलिस अधीक्षक आनंद मिश्रा (आरआर-2011) और पुलिस अधीक्षक (सीमा-द्वितीय) एपीएस रणदीप कुमार बरुवा (डीआर-1993) को मणिपुर सरकार के अधीन कर दिया गया था।
राज्य के दोनों शीर्ष पुलिस अधिकारियों को असम पुलिस द्वारा मणिपुर हिंसा से संबंधित मामलों की जांच में मणिपुर सरकार की सहायता के लिए नामित किया गया था।
उनके इस्तीफे के बाद राज्य सरकार ने देबाशीष सरमा को लखीमपुर का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। देबाशीष सरमा ने पहले असम के लीलाबाड़ी में 13वें एपीबीएन के कमांडेंट के रूप में कार्य किया था।
इस बीच, आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा को पुलिस मुख्यालय में तब तक के लिए संबंध कर दिया गया है, जब तक कि वह अपने इस्तीफे के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं कर देते।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश/अरविंद