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नई दिल्ली, 03 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि उद्योग को उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को प्रारंभिक समर्थन के रूप में देखना चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में उत्पाद-लिंक्ड प्रोत्साहन लाभार्थियों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। गोयल ने बातचीत के दौरान देश में बेहतर सुविधा और विनिर्माण विकास के लिए विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों की रचनात्मक आलोचना का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने पीएलआई लाभार्थी कंपनियों को प्रोत्साहन देने वाली कंपनियों से योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए रचनात्मक आलोचना और प्रतिक्रिया साझा करने को कहा।
वाणिज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि पीएलआई योजना लाभार्थियों को सरकारी सेवाओं पर निर्भर बनाने के लिए नहीं है, बल्कि इसका उपयोग विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने, आगे की लंबी यात्रा के लिए प्रारंभिक समर्थन के रूप में किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आखिरकार प्रतिस्पर्धा कायम रहेगी। गोयल ने उनसे आग्रह किया कि वे अपने कारोबार को बढ़ाने के मामले में और अधिक बाहर की ओर देखें, न कि केवल घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करें।
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि वैश्विक खिलाड़ी बनने के लिए भारत में व्यवसायों को मान्यता मिलना महत्वपूर्ण है। इसके लिए उनके पास अपनी मात्रा का पैमाना है, जो उन्हें लागत प्रभावी बनाने में भी मदद करेगा। गोयल ने अपनी बातचीत के दौरान कहा कि उनका मानना है कि बैठक में उपस्थित प्रत्येक पीएलआई लाभार्थियों में सफलता की कहानी बनने की क्षमता है।
हिन्दुस्थान समाचार/प्रजेश शंकर/आकाश