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मंडी, 21 जनवरी (हि.स.)। सर्व देवता सेवा समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने कहा कि पूरे राष्ट्र में भगवान श्रीराम जी के भव्य मंदिर एवम् मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य पर सभी धर्म स्थलों पर घी के दीप जलाकर पूजा अर्चना की जा रही है। यह ऐतिहासिक अवसर हमारे जीवन काल में आया है इसलिए मैं समस्त कारदारों एवम देवताओं के मुखियाओं से निवेदन है कि 22 जनवरी सोमवार को सूर्य अस्त पर सभी मंदिरों में घी के दीप जलाकर और अपने हरियानो का भी सहयोग लेकर मंदिरों में पूजा अर्चना करें।
उन्होंने कहा कि भगवना श्रीराम जी का अवतार देव हित में हुआ था। त्रेता युग में रावण ने यज्ञ को विध्वंश करना प्रार भ किया था। यज्ञ से देवता एवम पित्र देवता की तृप्ति हेतु स्वाहा नाम की देवी अग्नि मुख से देवताओं को यज्ञ का अंश पहुंचाती है। 14 वर्ष की आयु में ऋषि विश्वामित्र ने श्रीराम जी को यज्ञ सफल करने हेतु ले गए थे। ऋषियों द्वारा किए जा रहे यज्ञ की रक्षा की ताड़का जैसी दैत्य और मरीचि जैसे दैत्यों का वध किया। लगभग 500 वर्ष पहले राम मंदिर गिराकर मश्चिद का ढांचा बनवाया गया था । आज पुन: पूरी मर्यादा के साथ स्थापना हो रही है। हमें सभी देव मंदिरों में इस उत्सव पर दीपावली जैसा आयोजन, भजन ,कीर्तन इत्यादि मनानी चाहिए क्योंकि श्री राम जी का अवतार देव हित मैं हुआ था।
मंदिरों की सजावट और घरों में फहराए जा रहे हैं श्रीराम ध्वज
वहीं पर मंडी शहर के मंदिरों में विभिन्न संस्थाओं की ओर से प्राण प्रतिष्ठा समारोह को अपने-अपने ढंग से मनाने की जोरदार तैयारियां की जा रही है। इसके लिए मंदिरों में हवनपाठ के अलावा सुंदरकांड आदि का भी आयोजन किया जा रहा है। वहीं शहर वासियों की ओर से श्रीराम ध्वज खरीद कर उन्हें घरों की छत पर फहरा जा रहा है। जबकि 22 जनरी की शाम को हर घर में दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार/ मुरारी/सुनील