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झाबुआ, 15 जनवरी (हि.स.)। जिले के काकनवानी थाना क्षेत्र की हरिनगर पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम बालावास की रहने वाली एक महिला अपने ही नवजात शिशु को जन्म देने के तुरंत बाद मौत के आगोश में धकेल आई थी। किंतु अनजान लोगों ने उसकी जान बचा ली। बड़ी मशक्कत के बाद हरिनगर पुलिस ने उस निर्दयी मां सहित एक अन्य आरोपित को आखिर ढूंढ निकाला और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया।
मामले में उपनिरीक्षक, चौकी प्रभारी जगन्नाथ कनास से सोमवार को प्राप्त हुई जानकारी अनुसार बीते 20 दिसम्बर को एक नवजात शिशु चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बालावास में सड़क किनारे पड़ा देखा गया था। जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा नवजात को जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां वह स्वस्थ है। पुलिस द्वारा थाना काकनवानी के अपराध क्रमांक 427/2023 एवं भारतीय दण्ड संहिता की धारा 317 में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि संभवतः उक्त शिशु किसी महिला की नाजायज संतान रही होगी, जिसे जानकारी छुपाने के उद्देश्य से सड़क पर लावारिस हालत में छोड़ दिया गया था। आरोपित की तलाश हेतु टीम गठित की गई। मुखबिर के बताये स्थानों पर दबिश देकर आरोपिता अंजु पुत्री नाथु डामोर उम्र 21 साल निवासी ग्राम बालवास एवं आरोपी सुनील पुत्र कालू निनामा उम्र 23 साल निवासी ग्राम खरोंदा ग्रामीण थाना दाहोद (गुजरात) को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने पूछताछ में जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों की विधिवत गिरफ्तारी लेकर न्यायालय थांदला के समक्ष पेश किया गया जहां से दोनों आरोपितों को न्यायिक निरोध झाबुआ में भेजा गया है।
हिन्दुस्थान समाचार/ डॉ. उमेशचन्द्र शर्मा
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