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उमर अब्दुल्ला ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की टिप्पणी पर दी अपनी प्रतिक्रिया
श्रीनगर,19 मार्च (हि.स.)। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाया कि अगर केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ नहीं करा सकती है तो वह पूरे देश में एक साथ चुनाव कैसे करा सकता है।
उमर अब्दुल्ला मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के अधिकारियों ने बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की आवश्यकता के मद्देनजर एक साथ चुनाव कराने में असमर्थता व्यक्त की थी। उमर ने कहा कि जब सीईसी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि ईसीआई और सभी राजनीतिक दल चुनाव के लिए तैयार हैं लेकिन वर्तमान प्रशासन (जम्मू-कश्मीर में) ने यह कहते हुए बाधाएं डालीं कि उन्हें अधिक सुरक्षा बलों की आवश्यकता है। उमर ने कहा कि ऐसी स्थिति में मैं यह सवाल करने के लिए मजबूर हूं कि जब यूपी और बिहार जैसे अन्य राज्यों में कोई विधानसभा चुनाव नहीं हो रहे हैं और आप अब एक साथ चुनाव नहीं करा सकते हैं तो आप एक राष्ट्र, एक चुनाव के बारे में कैसे बात करते हैं। उन्होंने कहा कि अब जब आप यूपी, एमपी और बिहार जैसे राज्यों में एक साथ चुनाव कराएंगे तो फिर आपको सुरक्षाबल कहां से मिलेगा?
उन्होंने कहा कि ईसीआई के पास जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का अवसर था, लेकिन केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन चुनाव नहीं कराना चाहता था, क्योंकि वे सत्ता नहीं छोड़ना चाहते हैं। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह चुनाव कराने का एक अवसर था लेकिन वे (प्रशासन) ऐसा नहीं चाहते। सुप्रीम कोर्ट के आदेश है कि चुनाव 30 सितंबर से पहले कराने होंगे।
पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा के बारे में नेकां नेता ने कहा कि उन्हें कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी तक केवल तीन उम्मीदवारों की घोषणा की गई है, कांग्रेस और अन्य दलों ने घोषणा नहीं की है। हमें कोई जल्दी नहीं है।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपने फैसले में कहा था कि सरकार को इस साल 30 सितंबर तक जेके में विधानसभा चुनाव कराने होंगे।
हिन्दुस्थान समाचार/बलवान/सुनील /सुनील