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भोपाल, 27 फरवरी (हि.स.)। मध्यप्रदेश में बीते तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण दो दिन से प्रदेश में ओलावृष्टि के साथ बारिश हो रही है। इसी क्रम में मंगलवार शाम को भोपाल, सतना समेत प्रदेश के 10 जिलों में तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया। इसके बाद तेज बारिश हुई और कहीं-कहीं ओले भी गिरे। इस दौरान शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई कालोनियों में देर तक भी बिजली सुचारू नहीं पाई।
भोपाल में मंगलवार को दोपहर बाद तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया। करीब एक घंटे तक तेज आंधी चलती रही, जिसके चलते कई जगह होर्डिंग भी नीचे गिरे। जहांगीराबाद में नई पीएचक्यू भवन के सामने की सड़क पर तेज आंधी से पेड़ गिर गया। इससे दोनों तरफ का रास्ता का यातायात कुछ देर के लिए बंद हो गया। वहीं, भाजपा प्रदेश कार्यालय के सामने बांस से बना अस्थायी गेट भी तेज हवा के चलते नीचे गिर गया। एमपी नगर में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग का बास का जाल तेज हवा के कारण नीचे गिर गया। इससे एक ऑटो चालक बाल बाल बच गया।
भोपाल में अचानक मौसम खराब होने से मंगलवार शाम केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का स्पेशल विमान भी एयरपोर्ट पर नहीं उतर सका। सिंधिया के विमान को 4.10 बजे उतरना था, लेकिन तेज आंधी-तूफान के कारण विमान आसमान में चक्कर लगाने के बाद वापस दिल्ली लौट गया। सिंधिया भोपाल में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे थे। भोपाल के खराब मौसम ने हवाई सफर को रोक दिया। इंडिगो एयर और एयर इंडिया की दिल्ली भोपाल फ्लाई को इंदौर डायवर्ट किया गया।
शहडोल में बिजली गिरने से दो की मौत
शहडोल में भी मंगलवार दोपहर अचानक एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। आसमान में काली घटाएं छाने के बाद तेज गर्जना शुरू हो गई। इसके बाद लगभग दो घंटे तक झमाझाम बारिश हुई। इसी दौरान आसमान से गिरी बिजली की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई। यह घटना सोहागपुर थाना क्षेत्र के ग्राम छतवई में घटी।
जानकारी के मुताबिक, चौधरी मोहल्ला निवासी मनीषा बैगा (9) और गणेश बैगा (6) महुआ के पेड़ के पास लकड़िया बीन रहे थे। इस बीच तेज गर्जना के बाद महुआ के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी। इसकी चपेट मे आने से दोनों बच्चों की फौरन मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में मातम छा गया। पल भर में दो घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। कागजी कार्रवाई को पूरा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
आकाशीय बिजली से घर में रखे हुए पैरा में लगी आग
वहीं, अनूपपुर जिले में मंगलवार की दोपहर से विभिन्न स्थानों पर तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान कोतमा जनपद के ग्राम पंचायत बेलिया छोट में घर के आंगन में लगे पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी। इसके साथ ही पेड़ के पास रखे हुए पैरा में भी आग की तेज लपटे उठने लगीं। देखते ही देखते यह आग तेजी से फैलने लगी। इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा नगर पालिका बिजली के दमकल वाहन को सूचना दी गई।
जानकारी के मुताबिक, बेलिया छोट निवासी रमाशंकर तिवारी के घर के आंगन लगे बबूल के पेड़ में मंगलवार की दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक पेड़ पूरी तरह से जलकर टूट गया। पेड़ के पास ही बाड़ी में रखे पैरा में आकाशीय बिजली की वजह से आग फैल गई, जिसकी सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड वाहन के द्वारा मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया।
सीहोर में तेज आंधी-बारिश और ओले गिरने से फसलों को पहुंचा नुकसान
इधर, सीहोर जिले के श्यमपुर, इछावर, अहमदपुर, दोराहा क्षेत्र में मंगलवार को तेज आंधी और बारिश के साथ ओले भी गिरे। करीब आधे से एक घंटे में एक इंच वर्षा दर्ज की गई। किसानों के अनुसार बारिश और ओलों के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ओलों के साथ बारिश और तेज हवा के कारण गेहूं, सरसों और चना की फसल पर असर पड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन ऐसा ही मौसम बना रहेगा। बुधवार को वर्षा और ओले का अलर्ट जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को दोपहर में अचानक आसमान पर काले बादलों ने डेरा डाल लिया। इसके बाद तेज हवा और आंधी का दौर शुरू हो गया। इस दौरान श्यामपुर, दोराहा, अहमदपुर और इछावर क्षेत्र में बेर के आकार के ओले भी गिरे। करीब आधा से एक घंटे तक तेज हवा के साथ बारिश होने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। वहीं, खेतों में कटी रखी चना, मसूर और गेहूं की फसल भीग गई।
आरएके कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने का सिलसिला शुरू होने से तेज हवा के साथ बारिश और ओले गिर रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो दो दिन तक वर्षा-ओले का ताकतवर सिस्टम रहेगा। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।
डॉ. तोमर ने बताया कि चक्रवाती घेरे की वजह से पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के ग्वालियर-चंबल में हल्की बूंदाबांदी हुई है। वहीं, बिहार के आसपास और छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक भी ट्रफ लाइन गुजर रही है। प्रति चक्रवात की वजह से आंध्रप्रदेश और ओडिशा तट के आसपास हवाएं चल रही हैं। इससे मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में नमी आ रही है। इस कारण दो तीन दिन के लिए प्रदेश में आरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। तीन दिन में ओले, तेज हवा और वर्षा का दौर जारी रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश