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जम्मू, 11 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक घटनाक्रम के प्रमुख पर्यवेक्षक अभिजीत जसरोटिया ने एक हालिया बयान में पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा चुनाव आयोग के प्रति असंसदीय भाषा के इस्तेमाल की बात कही है। जसरोटिया ने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर संदेह करना और शर्मिंदा जैसे शब्दों सहित अप्रिय भाषा का सहारा लेना उनके जैसे कद के नेता को शोभा नहीं देता।
जसरोटिया ने चुनाव आयोग के हालिया कार्यों की सराहना की, विशेष रूप से 70 वर्षों के बाद त्रि-स्तरीय प्रणाली को बहाल करने में उसके प्रयासों को स्वीकार किया। उन्होंने अपने समावेशी दृष्टिकोण, एससी/एसटी समुदायों के लिए उचित अधिकार सुनिश्चित करने और निकट भविष्य में ओबीसी के लिए इसी तरह के उपायों के लिए आशावाद व्यक्त करने के लिए आयोग की सराहना की।
उन्होंने लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर रचनात्मक बातचीत का आह्वान किया और निष्पक्ष प्रतिनिधित्व के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए किसी भी प्रकार के भाई-भतीजावाद से दूर रहने का आग्रह किया।
हिन्दुस्थान समाचार/राहुल/बलवान
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