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ग्वालियर, 25 जनवरी (हि.स.)। गुरुवार को एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालय में पहुंच गया है। इसका असर ग्वालियर-चंबल संभाग में भी दिखने लगा है। यहां हवा का रुख बदलने के साथ बादल छाने लगे हैं। हिमालय में 27 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि जनवरी के अंतिम दिनों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
ग्वालियर में जनवरी के पहले दिन से ही कभी कोहरा, कभी बादल तो कभी शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। गुरुवार को भी सुबह से दोपहर तक कोहरा छाया रहा। दोपहर में धूप खिली रही जबकि शाम को बादल छा गए। हालांकि हवाओं का रुख दक्षिण-पूर्वी हो जाने से शीतलहर का प्रकोप थम गया है लेकिन ठंड फिर भी पूरे यौवन पर है। स्थानीय मौसम विज्ञानी हुकुम सिंह ने बताया कि गुरुवार को पश्चिमी विक्षोभ हिमालय में पहुंच गया है। इसके प्रभाव से राजस्थान के पूर्वी भाग में एक चक्रवात बन गया है। इस कारण दक्षिण-पूर्व से आ रहीं हवाओं के साथ नमी आना शुरू हो गई है। इसी कारण बादल छाने लगे हैं।
27 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ हिमालय में पहुंचने की संभावना है। इसके चलते जनवरी के अंतिम दिनों में ग्वालियर-चंबल संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी और शीतलहर से राहत बनी रहेगी। हालांकि सुबह कोहरा पड़ सकता है। स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार पिछले दिन की तुलना में गुरुवार को अधिकतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 3.5 डिग्री सेल्सियस कम है जबकि न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 2.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। गुरुवार सुबह हवा में नमी 97 और शाम को 77 प्रतिशत दर्ज की गई।
हिन्दुस्थान समाचार/शरद