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चंडीगढ़, 17 मार्च (हि.स.)। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लागू होने के बाद अब मंत्रिमंडल का विस्तार कम से कम तीन माह के लिए टल गया है। आपात स्थिति में सरकार चुनाव आयोग से मंजूरी लेने के बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकेगी।
हरियाणा में नायब सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर शनिवार को तीन बार कार्यक्रम तय हुआ और टाल दिया गया। मंत्री बनने की इच्छा रखने वाले विधायक अपने परिजनों व समर्थकों के साथ मायूस होकर चंडीगढ़ से लौट गए। अब प्रदेश में आचार संहिता लागू हो चुकी है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हो पाएगा।
चार जून को आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो पाएगा। आपात स्थिति में अगर मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हैं तो वह पहले राज्यपाल को पत्र भेजेंगे। राज्यपाल हरियाणा निर्वाचन आयोग को इस बारे में सूचित करेंगे। हरियाणा निर्वाचन आयोग केंद्रीय चुनाव आयोग से मंजूरी लेगा। इस मंजूरी के बाद ही हरियाणा में चुनाव प्रक्रिया के दौरान मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकेगा।
हरियाणा के निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल के अनुसार इसको लेकर कोई भी दिशा-निर्देश पहले से नहीं दिए गए हैं, लेकिन यदि मुख्यमंत्री के द्वारा ऐसा किया जाता है, तो पहले इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। जब सरकार पूछेगी तो भारत निर्वाचन आयोग को भेजकर उस बारे पूछ लिया जाएगा।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग व हरियाणा लोकसेवा आयोग की चुनाव अवधि के दौरान भर्ती प्रक्रिया के संबंध में एक सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है, जो सप्ताह में कम से कम से दो बार बैठक करेगी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अपनी सिफारिशें भेजेगी। कर्मचारियों की नियुक्ति तत्काल आवश्यक है तो चुनाव आयोग से अनुमति ली जाएगी।
अग्रवाल ने बताया कि हेलिकॉप्टर का प्रयोग सिर्फ सरकारी कार्य के लिए किया जा सकता है, राजनीतिक कार्य के लिए इसका उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री, मंत्री सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल अपने आवास से सरकारी दफ्तर और सरकारी दफ्तर से अपने आवास तक ही कर सकते हैं। यदि वे सरकारी दफ्तर के अलावा बाहर भी किसी सरकारी कार्य में भाग लेने जाते हैं तो भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। मगर इस सरकारी कार्य के साथ-साथ कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री के साथ नियुक्त राजनीतिक व्यक्तियों को लेकर हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अग्रवाल ने बताया कि राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे तो इस्तीफा देना पड़ेगा। अगर किसी राजनीतिक कार्यक्रम में भाग नहीं लेते हैं तो इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं है। आयोग द्वारा जारी की गई किसी भी गाइडलाइन का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा, इसको लेकर सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/पवन