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धर्मशाला, 02 मार्च (हि.स.)। वाहन का इंश्योरेंश होने के बावजूद दुर्घटना के उपरांत मृतक के परिजनों को क्लेम राशि न देने पर टाटा ए.आई.जी. इंश्योरेंश कंपनी को अब नौ प्रतिशत ब्याज सहित 15 लाख की राशि देनी होगी। साथ ही 50 हजार रुपए मुआवजा व 15 हजार रुपए न्यायालयी शुल्क भी मृतक के परिजनों को देने के आदेश दिए हैं। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद व नारायण ठाकुर की खंडपीठ ने शनिवार को यह फैसला सुनाया है।
आयोग के समक्ष शंकुतला देवी निवासी संसारपुर टैरेस ने इस बाबत शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में शिकायतकर्ताओं में मृतक की पत्नी सहित बेटी व बेटा शामिल हैं। शंकुलतला देवी ने बताया कि उनके बेटे अखिल पठानिया ने वाहन नंबर पी.बी.-07 एन-1933 की उक्त कंपनी से इंश्योरेंश पॉलिसी ली थी। यह पॉलिसी 17 नवम्बर 2020 से 16 नवम्बर 2021 तक वैध थी। इस दौरान 15 मई 2021 को उनका बेटा गाड़ी लेकर जा रहा था तो टायर फटने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें उनके बेटे अखिल पठानिया की मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने सभी दस्तावेजों और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद कंपनी से इंश्योरेंश की क्लेम राशि के लिए आवेदन किया तो कंपनी ने कोई जबाब नहीं दिया। इसके बाद भी कई बार मौखिक और लिखित रूप से संपर्क किया गया लेकिन कंपनी ने कोई संतोष जनक जबाब नहीं दिया। इसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष पहुंची शिकायत के बाद दोनों पक्षों की ओर से पेश किए तथ्यों को जांचा गया। तथ्यों को जांचने के बाद आयोग ने शिकायत को मंजूर करते हुए उक्त फैसला सुनाया।
हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र
/सुनील