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गांधीनगर, 05 फरवरी (हि.स.)। गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को अयोध्या में भगवान श्रीराम के पुन: प्राण प्रतिष्ठा और मंदिर निर्माण को लेकर सर्वसम्मति से अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताया। विधानसभा के सदस्यों ने मेज थपथपाकर प्रस्ताव का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि राज्य विधानसभा में आज इस ऐतिहासिक क्षण के बदले वे गौरव और आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। करीब 500 सालों के बाद भक्तिमय हिंदू समाज एक दीर्घदृष्टि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कारण रामलला के अयोध्या में भव्य मंदिर को प्रतिष्ठित कर पाया है। पटेल ने कहा कि गुजरात की जनता उस क्षण भाव-विभोर हो गई थी, जब 22 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त में गुजरात के सुपुत्र और सभागृह के सम्मानित भूतपूर्व नेता नरेन्द्र मोदी ने रामलला की की प्राण प्रतिष्ठा की थी। यह गुजरात की जनता के लिए गौरव और सम्मान बढ़ाने वाला क्षण था। मुख्यमंत्री पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माता हीराबा को याद किया और कहा कि इस महान सपूत को जन्म देने वाली हीराबा का सतत वंदन है। देश के विकास पुरुष और राजपुरुष के इस अवसर को गुजरात विधानसभा हमेशा के लिए याद रखेगी। इस समग्र कालखंड में त्याग और बलिदान की परंपरा रचने वाले सभी रामभक्तों को वे आज आदरपूर्वक स्मरण करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास का एक पन्ना यदि पलटते हैं तो ख्याल आता है कि नरेन्द्र मोदी सोमनाथ से अयोध्या की रामजन्मभूमि की ऐतिहासिक यात्रा में सारथी भी बने थे। भारत में सुशासन यानी भगवान राम के स्थापित प्रणाली है। अयोध्या में सर्वजनहिताय और सर्वजनसुखाय की चलने वाली राजव्यवस्था को भगवान श्रीराम ने सुचारू रूप से एक आदर्श प्रशासन के रूप में स्थापित कर जगत के समक्ष एक उदाहरण पेश किया। परंतु, आक्रमण और विदेशी शासकों ने हमारी प्रजाहित की रक्षा और संवर्द्धन करने वाली संस्कृति और परंपराओं का ध्वंस किया। सदियों से लाखों संस्कृति भक्तों ने बलिदान दिया। इसी का परिणाम है कि हम संविधान के रास्ते पर चलते हुए अयोध्या में श्रीराम मंदिर का पुनर्निर्माण कर पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी इस देश के 140 करोड़ भारतवासियों के श्रद्धा-केन्द्र रामलल्ला के परम भक्त हैं। भारत की शाश्वत और श्रेष्ठ भारतीय संस्कृति का नरेन्द्र मोदी एक मनिषि कहे जा सके, ऐसे प्रतिनिधि हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / बिनोद/प्रभात