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हल्द्वानी, 15 फ़रवरी (हि.स.)। सीबीएसई की आज से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में कर्फ्यू प्रभावित बनभूलपुरा क्षेत्र के छात्र-छात्राएं भी शामिल होंगे। इसके लिए उन्हें अपना प्रवेश पत्र कर्फ्यू पास के तौर पर इस्तेमाल करना होगा। यहां के कई बच्चे शहर के नामी निजी स्कूलों में पढ़ते हैं।
सीबीएसई से संबद्ध निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बनभूलपुरा के बच्चों की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर असमंजस बना हुआ था। स्कूलों की ओर से इस संबंध में लगातार स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही थी। इस संबंध में शासन स्तर पर भी वार्ता की जा रही थी। निर्देश मिलने के बाद बुधवार शाम को डीएम की मौजूदगी में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि बनभूलपुरा के जिन छात्र-छात्राओं को सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा देनी है उन्हें प्रवेश पत्र दिखाकर स्कूल तक जाने की अनुमति मिलेगी। सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
बनभूलपुरा में नजूल भूमि पर बने मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों की आगे की पढ़ाई को लेकर एडीएम प्रशासन पीआर चौहान ने सीईओ नैनीताल जगमोहन सोनी को निर्देशित किया था। कहा था कि मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को नजदीकी स्कूलों में प्रवेश दिलाने की कार्रवाई की जाए।
आदेश के अनुपालन में शिक्षा विभाग की एक टीम खंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्र की अगुवाई में बुधवार को मौके पर पहुंची। यहां करीब तीन घंटे तक आसपास रहने वाले 235 बच्चों और उनके अभिभावकों से जानकारी जुटाई गई। खंड शिक्षा अधिकारी मिश्र ने बताया कि एकत्रित जानकारी के अनुसार मदरसे में कोई भी बच्चा पंजीकृत नहीं पाया गया। केवल पांच से छह बच्चे ऐसे मिले जो स्कूल से छूटने के बाद तालिमी शिक्षा के लिए मदरसे में जाते थे। क्षेत्र के सभी बच्चे शहर के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जीजीआईसी बनभूलपुरा में 9 फरवरी को इंटरमीडिएट बायोलॉजी विषय का प्रैक्टिकल होना था, लेकिन कर्फ्यू के कारण स्कूल बंद होने से प्रैक्टिकल नहीं हुआ। संबंधित बच्चों का ये प्रैक्टिकल उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं के बीच या फिर बाद में कराया जाएगा। नई तिथि जारी की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार/अनुपम गुप्ता/रामानुज