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देहरादून, 26 फरवरी (हि. स.)। उत्तराखंड विधानसभा में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के अभिभाषण के साथ सोमवार को बजट सत्र शुरू हो गया। इस दौरान राज्यपाल सिंह ने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के दृष्टिगत सरकार रोडमैप को लेकर काम कर रही है। इस सत्र में सरकार 27 फरवरी (मंगलवार) को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश करेगी।
सोमवार सुबह 11 बजे राष्ट्र गान के साथ पांचवीं विधानसभा का सत्र शुरू हो गया। इससे पहले राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोपहर 3 बजे भोजनावकाश के समय सदन की कार्यवाही विधिवत शुरू होगी।इस दौरान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों और विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण व राज्य के विकास को बढ़ावा देने के लिए धामी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। इसमें उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल करने के दृष्टिगत सरकार के रोडमैप की झलक देखने को मिली। उन्होंने कहा कि राज्य में 13 सौ अनाधिकृत कानून चिन्हित किये जा रहे हैं और लगभग चार सौ ऐसे कानूनों को विलुप्त किया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि विकसित उत्तराखंड संकल्प को लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। सभी विधानसभा, नगर पंचायत सदस्य सहित सभी प्रतिनिधियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सर्वश्रेष्ठ राज्य में शामिल हैं। राज्य के विकास के लिए सरकार कॄत संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023 में कई नए आयाम स्थापित किये गये हैं। उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पारित करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। उत्तराखंड सरकार महिलाओं के उत्थान और सुरक्षा को लेकर गंभीर होकर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि जी-20 की तीन बैठकों का सफल आयोजन से विश्व भर में संदेश गया। देहरादून में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर उद्योग और रोजगार सृजन के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन, तीर्थाटन,धर्म अध्यात्म के लिए केदारखंड और मानस खंड को विकसित किया जा रहा है। राज्य में नई पर्यटन नीति से रोजगार और स्वरोजगार में अपार संभावनाएं है। शिक्षा के क्षेत्र में शोध कार्य को सरकार बढ़ावा देने के लिए सरकार काम कर रही है।
उत्तराखंड के संसदीय इतिहास में यह पहली बार होगा, जब दोपहर साढ़े 12 बजे बजट प्रस्तुत होगा। पहले सदन में शाम चार बजे बजट प्रस्तुत होते आया है। सरकार की ओर से इस वित्तीय वर्ष के लिए 90 हजार करोड़ रुपये का अनुमानित बजट लाने की संभावना है। इसी दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होंगी और 28 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के बाद बजट पर चर्चा शुरू होगी। 29 फरवरी को भी बजट पर चर्चा चलेगी। 1 मार्च को विनियोग विधेयक पारित हो सकता है। सत्र के दौरान उत्तराखंड लोक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली विधेयक समेत 13 विधेयक सरकार पेश कर सकती है। विधायकों की ओर से इस बार तीन सौ से ज्यादा प्रश्न आये हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/राजेश/सुनील