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भोपाल, 18 जनवरी (हि.स.)। संभाग आयुक्त डॉ. पवन शर्मा ने भोपाल शहर में कुत्तों के काटने की घटनाओं संबंधी खबरों पर संज्ञान लेते हुए इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारियों को प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने नागरिकों के लिए भी एडवाजरी जारी करने के आयुक्त नगर निगम और उप संचालक पशु चिकित्सा को निर्देश दिए।
संभागायुक्त की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, आयुक्त नगर निगम फ्रेंक नोबल और स्वास्थ्य तथा पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने विगत तीन वर्षो में स्ट्रीट डाग के आक्रामक होने और नागरिकों को काटने के आकड़ों की समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि प्रत्येक वर्ष दिसम्बर और जनवरी में सर्वाधिक घटनाएं होती है। उप संचालक पशु चिकित्सा ने बताया कि ठंड के अलावा, इन दिनों खाने की कमी और नवजात पिल्लों की सुरक्षा को लेकर भी मादा डाग आक्रामक होते है। इस दौरान डाग के वैक्सीनेशन और नसबंदी कार्य की भी समीक्षा की गई।
डॉ. शर्मा ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि खराब केज का सुधार कार्य करें और नगर निगम की सभी 8 टीम को और भी सक्रिय कर डाग्स का वैक्सीनेशन और नसबंदी करवाने के काम में और भी तेजी लाएं। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी ने बताया कि नगर के सभी शासकीय अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और एक हजार नए इंजेक्शन खरीदने के लिए भी आदेश दिया गया है। संभागायुक्त ने हमीदिया चिकित्सालय में भी पर्यापत मात्रा में एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्धता के निर्देश दिए। उन्होंने रहवासी संघों से सहयोग लेने के भी निर्देश दिए।
डाग-बाइट की घटनाओं से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, हेल्प लाइन नंबर भी जारी
कमिश्नर के निर्देश के बाद शहर में डॉग बाइट की घटनाओं मे वृद्धि पर नगर निगम एवं पशुपालन विभाग द्वारा आम जनता के लिए एक एडवायजरी जारी की गई है। किसी भी क्षेत्र मे डॉग बाइट अथवा श्वानों के आतंक की सूचना नगर निगम के कॉल सेंटर 155304 मे दर्ज करें। डॉग स्क्वायड द्वारा तत्पर कार्यवाही कर शिकायत का निराकरण किया जा रहा है।
उप पशु चिकित्सा संचालक डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि मौसम के तापमान मे गिरावट होने, ब्रीडिंग सीजन होने एवं आवारा श्वानों को खाने की कमी की वजह से डॉग बाइट की घटनायें परिलक्षित हो रही है, इसलिए आमजन को चाहिये कि बच्चों को समझाईश दें कि आवारा श्वानो से समुचित दूरी बनाकर चलें। ऐसी मादा श्वान जिसके पास उनके बच्चें हों उनसे भी दूरी बनाकर रखें अन्यथा असुरक्षित महसूस करने व अपने बच्चों को बचाने के लिए वह काट भी सकती है। कुत्तों से अनावश्यक छेड़ छाड़ न करे, उनके ऊपर पत्थर न मारें अथवा उन्हें परेशान न करें। तीव्र ध्वनि के पटाखो का इस्तेमाल न करें अन्यथा उनमे उग्र व्यवहार प्रदर्शित होता है। ऐसे श्वानों का झुंड जिसमे कोई मादा गर्मी मे है तो उनसे भी समुचित दूरी बनाकर चलें।
डॉ. रामटेके ने बताया कि यदि आवारा श्वान आपके शेड अथवा कार के नीचे बैठा हुआ है तो वह अपने आपको ठंड से बचाने के लिये बैठा है, उसे अनावश्यक भगायें नहीं। पशु प्रेमियों से अपील की गई है कि वह पेट एडॉप्शन मुहिम चलायें ताकि वह पेट्स का सही ख्याल रख पायें, समय पर टीकाकरण व नसबंदी करायें जिससे उन्हे समुचित रूप से खाने को मिल पाए। आवारा श्वानों को यहां वहां खाने के लिये न देकर कालोनी के सबसे कम भीड़ भाड़ वाला एक स्थल निश्चित करके वहीं पर फीडिंग करायें ताकि आने जाने वालो को परेशानी न हो, जिससे डॉग बाइट की दुर्घटना को रोका जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि भोपाल नगर निगम द्वारा मुहिम चलाकर ऐसे उग्र व्यवहार वाले श्वानो को उठाकर आइसोलेशन और ऑबर्जरवेशन मे रखने का कार्य जारी है तथा श्वान नसबंदी कार्यकम मे भी तीव्रता लाई गई है। इन सभी डॉग्स को एन्टीरेबीज वैक्सिन भी लगाया जा रहा है। भोपाल शहर के सभी पशु चिकित्सा संस्थानो में निःशुल्क एन्टीरेबीज टीका उपलब्ध है, जो आम जन अपने श्वानो को लगवा सकते हैं।
एडवाइजरी दी गई है कि डॉग बाइट होने पर घाव को तत्काल चलते हुए नल के पानी से धोकर उसे कार्बोलिक साबुन से अच्छे से धों ले, उसके बाद कोई एंटीसेप्टिक मल्हम लगायें तथा यथाशीघ्र नजदीकी शासकीय चिकित्सालय (स्वास्थ्य केन्द्र) मे पहुंचकर एन्टीरेबीज टीका चिकित्सक की सलाह से लगवायें। जे. पी. अस्पताल सहित और हमीदिया अस्पताल सहित सभी शासकीय अस्पताल मे एन्टीरेबीज टीका उपलब्ध है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश