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– उत्तराखंड में चल रहा जोड़-तोड़ की राजनीति का दौर
– चुनाव की नैया पार लगाने के लिए अपना कुनबा बढ़ा रही भाजपा
देहरादून, 21 मार्च (हि.स.)। लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। आदर्श आचार संहिता भी लग चुकी है और तो और नामांकन भी शुरू हो चुका है। ऐसे में भाजपा किसी भी तरीके की कोई चूक नहीं चाहती है, इसलिए अपने पुराने नाराज कार्यकर्ताओं की एक बार फिर से वापसी कर रही है और अपने कुनबे को बढ़ाने में लगी हुई है।
उत्तराखंड में इन दिनों जोड़-तोड़ की राजनीति का दौर चल रहा है। भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर गुरुवार को पूर्व विधायक समेत कई नेताओं ने घर वापसी की है। पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी, पूर्व विधायक महावीर सिंह रांगड़, जितेंद्र नेगी, टीका मैखुरी, दिनेश रावत ने फिर से भाजपा का दामन थाम लिया है। राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल और प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने सभी नेताओं को सदस्यता दिलाई।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भी कई नेता अपनी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। इसमें वरिष्ठ नेता मनीष खंडूरी, राजेंंद्र भंडारी, धन सिंह नेगी समेत कई लोग हैं।
एकजुटता के साथ मजबूती से लोकसभा चुनाव लड़ेगी भाजपा-
विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के कई नेता और पुराने कार्यकर्ता तमाम वजहों से नाराज होकर संगठन छोड़ चुके थे। ऐसे लोगों की नाराजगी को भाजपा ने उस दौर में तो नकार दिया था, लेकिन अब लोकसभा चुनाव से पहले अपने लोगों को फिर से पार्टी के साथ जोड़ रही है। पार्टी ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जब इन बाकियों के बारे में पता कराया तो पता चला अधिकतर ऐसे हैं, जिन्होंने किसी दूसरे दल का दामन नहीं थामा है और उनके पास अपने वोट बैंक की मजबूती है। लोकसभा चुनाव के दौरान उनकी नाराजगी भाजपा को नुकसान पहुंचा सकती है, इसीलिए भाजपा चाहती है कि वह इन सभी की घर वापसी कराकर लोकसभा चुनाव मजबूती से लड़े।
हिन्दुस्थान समाचार/कमलेश्वर शरण/रामानुज