[ad_1]

बड़वानी, 28 फरवरी (हि.स.)। बड़वानी की विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) सारिका गिरी शर्मा की अदालत ने अपने फैसले में नाबालिग किशोरी को शांदी का झांसा देकर भगाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपित को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी दुष्यंतसिंह रावत ने की।
अभियोजन मीडिया प्रभारी कीर्ति चौहान ने बुधवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना 17 अप्रैल 2023 की है। इस दिन नाबालिग किशोरी के माता-पिता मजदूरी करने के लिए गये थे। उनकी लड़की घर पर अकेली थी। उनके माता-पिता दो बजे मजदूरी करके घर आए तो उनकी लड़की घर पर नहीं थी। उसकी आसपास तलाश की गई और जब उसका कहीं कोई पता नहीं चला, तो फरियादी ने उक्त घटना की रिपोर्ट थाने पर दर्ज करवायी। पुलिस को अनुसंधान के दौरान ज्ञात हुआ कि आरोपित रासेल (19) पुत्र बुधु सरकार निवासी ग्राम मालदा टाउन वेस्ट बंगाल अभियोक्त्री को शादी का झांसा देकर हरियाणी ले गया, जहां उसने किराये का कमरा लेकर उसके मर्जी के विरुद्ध गलत काम किया। पुलिस ने प्रकरण की विवेचना पूर्ण करयायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। विशेष न्यायाधीश विशेष (पाक्सो) सारिका गिरी शर्मा ने आरोपित रासेल पुत्र बुधु सरकार निवासी ग्राम मालदा टाउन वेस्ट बंगाल को धारा 376(3) भादवि 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं कुल 2000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश/नेहा