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सहरसा/मधेपुरा,08 मार्च (हि.स.)।आधुनिकता की दुनिया में बेहतर से बेहतर सुविधा मिल सके यह पूरी तरह से कोशिश की जाती है लेकिन भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय ठीक उससे उल्टा चलता है। जब से विश्वविद्यालय ने UMIS पोर्टल की स्थापना की है। छात्रों को सुविधा देने के नाम पर इसकी आर में उनका आर्थिक और मानसिक दोहन किया जाता है।जब भी विश्वविद्यालय द्वारा किसी फॉर्म भरने की तिथि जारी की जाती है तो निर्धारित तिथि के एक दो दिन के बाद ही पोर्टल खोला जाता है।
फॉर्म भरने की तिथि जारी करने के बाद छात्रों का भरा हुआ डिटेल के साथ ही पोर्टल खोला जाता है।अगर उस दौरान कुछ गलत डिटेल भी भरा हुआ हो तो उसे सुधारने का ऑप्शन नहीं दिया जाता है। ऐसे में मजबूरन छात्रों को गलत डिटेल के साथ ही फॉर्म भरना पड़ता है. जब इस बात की शिकायत लेकर UMIS पोर्टल के कार्यालय में छात्र पहुंचते हैं तो उसे नोडल पदाधिकारी से आवेदन फॉरवर्ड करवा कर पांच सौ रुपए का चालान कटवाने के लिए कहा जाता है।तब उनकी उक्त समस्या का निदान करने की बात कही जाती है।
बीएसएस कॉलेज सुपौल के पीजी के छात्र मनीष जायसवाल का कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा थर्ड सेमेस्टर में नामांकन की तिथि दी गई। लेकिन उसका सही तरीके से सूचना नहीं देने के कारण अधिकांश छात्रों को नामांकन के बारे में पता नहीं चल सका जिस कारण वे अपना नामांकन कराने से वंचित रह गए और इसलिए वे सभी परीक्षा फॉर्म भी नहीं भर पाए। उन्होंने बताया कि वेबसाइट सही से काम नहीं करने के कारण कई छात्रों का पेमेंट खाता से कट जाने के बाद भी पेमेंट पेंडिंग शो कर रहा है। छात्रों को आए दिन बार – बार विश्वविद्यालय के UMIS पोर्टल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है।
चंदन कुमार ने बताया कि UMIS पोर्टल द्वारा जान बूझकर फॉर्म में कुछ न कुछ गलती कर दी जाती है और फिर सुधार करवाने के लिए पांच सौ रुपये का चालान कटवाने के बाद ही सही किया जाता है।बीएसएस कॉलेज सुपौल के ही पीजी के छात्र राहुल राज ने बताया कि उनका सत्र 2023-25 है। उन्होंने नया पंजीयन करवाया है। परीक्षा भी हो गई है। लेकिन अभी तक पंजीयन नंबर निर्गत नहीं हुआ है।
हिन्दुस्थान समाचार/अजय/चंदा