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शिवसागर (असम), 08 मार्च (हि.स.)। असम समेत पूरा पूर्वोत्तर राज्य (प्राचीन कामरूप प्रदेश) शिव और शक्ति का जागृत क्षेत्र रहा है। विभिन्न पुराणों और तंत्रों में ऐसा उल्लेख मिलता है कि यहां हर कदम पर शिव और शक्ति विराजमान हैं। यही वजह है कि यहां शिव की आराधना और देवी की पूजा अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक होती है।
स्वाभाविक रूप से आज महाशिवरात्रि के अवसर पर राज्य भर में शिव वंदना की ध्वनि के बीच शिव-पार्वती विवाह का शिवरात्रि उत्सव चल रहा है। महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए शिव मंदिरों एवं अन्य पूजा स्थलों पर शिव भक्तों की भारी भीड़ सुबह से ही उमड़ रही है।
राज्य के अन्य सभी शिव मंदिरों के साथ-साथ आहोम काल के दौरान रानी अंबिका द्वारा निर्मित शिवसागर के शिवदौल, तेजपुर में बाणासुर द्वारा पूजित शिव मंदिर महाकालेश्वर, गुवाहाटी शहर के पश्चिमी भाग में स्थित भीमशंकर ज्योतिर्लिंग, उमानंद, शुक्रेश्वर आदि समेत राज्य भर में मौजूद सैकड़ों ऐतिहासिक शिव मंदिरों में लाखों भक्त महादेव का दर्शन करने पहुंचे रहे हैं।
सन् 1733 में रानी अंबिका द्वारा निर्मित शिवदौल में आहोम वंश के बाद से शिव पूजा पारंपरिक रूप से चल रही है। शिवरात्रि का आयोजन हर साल की तरह इस साल भी शिवदौल में छह दिनों तक किया जा रहा है। आज पांचवा दिन है।
इस दिन ऐतिहासिक शिवरात्रि उत्सव में लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ती है। पिछली रात से शिववंदना के लिए अनगिनत भक्त कतार में खड़े हैं। आयोजन समिति ने पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था की है।
जब शिवसागर में शिवरात्रि का संदर्भ आता है, तो आध्यात्मिक वातावरण के साथ ही एक उत्सव का माहौल बन जाता है। कल अंतिम दिन है और महाशिवरात्रि उत्सव के समापन के कल अंतिम दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शिव पूजा मूहूर्त आज रात करीब 9.57 बजे शुरू होगा और पूजा का समापन 9 मार्च को शाम 6.57 बजे होगा। गायिका अभिलाषा पांडे का फेमस कॉन्सर्ट कल आयोजित किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार /श्रीप्रकाश/अरविंद