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जयपुर, 7 मार्च (हि.स.)। पत्र सूचना कार्यालय की ओर से जयपुर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं ने अपने विचार महिला पत्रकारों के साथ साझा किया। पत्र सूचना कार्यालय की अपर महानिदेशक ऋतु शुक्ला ने कहा कि इस विचार गोष्ठी का उद्देश्य अपने क्षेत्र में विशेष उपलब्धि और योगदान देने वाली महिलाओं के अनुभवों को साझा करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इनकी प्रेरणादायी उद्धबोधन से नई पीढ़ी को मार्गदर्शन मिलेगा।
भारत सरकार द्वारा इस वर्ष पदम श्री से सम्मानित होने वाली डॉ. माया टंडन ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वे पेशे से पीडियाट्रिक एनेस्थेसिस्ट हैं। वे जयपुर में बच्चों के सबसे बड़े अस्पताल जेके लोन हास्पिटल की अधीक्षक पद 1995 में रिटायर हुईं और उसके बाद से उन्होंने पूरा जीवन लोगों में सड़क सुरक्षा और सड़क दुर्घटना की स्थिति में जीवन रक्षा के उपाय बताने में समर्पित कर दिया। उन्होने कहा कि आज 87 वर्ष की उम्र में भी वे उसी सक्रियता के साथ स्कूलों, कालेजों और विभिन्न स्थानों पर जा कर लोगों को सड़क दुर्घटना की स्थिति में जीवन रक्षा के उपायों के बारे में जानकारी देती हैं। डॉ टंडन ने कहा कि उनकी संस्था प्रदेश भर की 100 से ज्यादा प्रमुख सडकों पर स्थित 79 पुलिस थानों में भी सेशंस कर चुकी है।
ब्लू पोटरी जैसे हस्तशिल्प कला को संरक्षित कर सजीव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला उधमी डॉ लीला बोर्डिया ने कहा ने किसी भी कला को बचाने के लिए उसे उपयोगी बनाना आवश्यक है। डॉ बोर्डिया ने कहा कि वे पिछले 45 साल से ज्यादा ब्लू पोट्री कला के लिए उत्थान के लिए काम कर रही है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले कारीगरों को काम मिला है और उनके जीवन में परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि महिला अगर घर चला सकती है तो पूरी दुनिया भी चला सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार/ दिनेश/संदीप