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पटना, 6 मार्च (हि.स.)। पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि डीएमके नेता ए राजा ने पार्टी का हिंदू-विरोधी तेवर जारी रखते हुए स्वयं को राम का शत्रु घोषित किया और भारत को एक राष्ट्र मानने से भी इनकार कर दिया लेकिन इस आपत्तिजनक बयान पर राहुल गांधी, लालू प्रसाद, ममता बनर्जी और शरद पवार सहित इंडी गठबंधन के सभी बड़े नेताओं ने चुप्पी साध ली।
मोदी ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि यदि लालू प्रसाद हिंदू हैं और श्री राम उनके भी हैं, तो वे ए राजा के बयान का विरोध करें और उनकी पार्टी को गठबंधन से बाहर करायें। जो काम तमिलनाडु में एम के स्टालिन की डीएमके, कर्नाटक में राहुल गांधी की कांग्रेस और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी कर रही है, वही काम बिहार में लालू प्रसाद का राजद कर रहा है। इन सबों ने अयोध्या के राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार किया था।
मोदी ने कहा कि पिछली महागठबंधन सरकार में राजद कोटे के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमानस की निंदा की थी। राजद के एक नेता ने मंदिर को गुलामी का प्रतीक बताया और तिलक लगाने वाले श्रद्धालुओं पर अमर्यादित टिप्पणी की थी। आईएनडीआई गठबंधन भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करते-करते सनातन धर्म, श्रीराम और भारतीय राष्ट्र का विरोधी हो गया है।
मोदी ने कहा कि आईएनडीआई गठबंधन के सभी 26 विपक्षी दल अपने-अपने प्रभाव क्षेत्रों में भारत तेरे टुकड़े होंगे का एजेंडा लागू करने में लगे हैं जबकि भाजपा नेतृत्व वाला एनडीए भारत को विकसित और शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार/ चंदा/चंद्र प्रकाश