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– इंडस्ट्रियल रीजनल कॉन्क्लेव में हुआ विमर्श
भोपाल, 2 मार्च (हि.स.)। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उज्जैन में आयोजित दो दिवसीय इंडस्ट्रियल रीजनल कॉन्क्लेव 2024 शनिवार को संपन्न हुआ। इस कॉन्क्लेव में दूसरे दिन शनिवार को फार्मा एवम्मेडिकल डिवाइसेस क्षेत्र पर एक समर्पित सत्र की मेजबानी की। अतिथियों में मोहम्मद सुलेमान अतिरिक्त मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवम्चिकित्सा शिक्षा विभाग, डॉ.सुदाम खाड़े सचिव एवं आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवम्चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त फार्मा एवं मेडिकल डिवाइसेस क्षेत्र से संबंधित अन्य विशेषज्ञ अतिथियों ने भाग लिया।
रीजनल कॉन्क्लेव में फार्मा, मेडिकल डिवाइसेस: संभावनाएं एवं चुनौतियां नाम से सेशन आयोजित किया गया। डॉ. सुदाम खाड़े ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि फार्म इंडस्ट्री तीव्र गति से प्रगति करने वाला सेक्टर है। इसमें मध्यप्रदेश में इजी डूइंग आफ बिजनेस निवेशक एवं रेगुलेटर दोनों के लिए ही कार्यरत है। मध्यप्रदेश भारत के केंद्र में स्थित होने के कारण आवागमन के समस्त साधनों के द्वारा सुलभता से जुड़ा है। मध्यप्रदेश का इकोसिस्टम समस्त प्रकार के उद्योगों के लिए अनुकूल है। उन्होंने मध्यप्रदेश में फार्मा फर्मों के समर्थन की सराहना की और राज्य में नए उद्योगों को निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।
स्वास्थ्य आयुक्त खाड़े ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से मध्यप्रदेश में फार्मा उद्योग की विकास गाथा और राज्य की सक्रिय क्षेत्र विशिष्ट नीति के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने एमपी में समर्पित चिकित्सा उपकरण पार्क के लिए विभिन्न आकर्षक प्रोत्साहनों के बारे में बताया।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और लागत कुशल स्वास्थ्य सुविधाओं को पूरा करने के लिए करने के लिए विभिन्न पहल सराहनीय है। सरकार का PPP मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं में प्रदेश अग्रणी बनेगा।
पीडीपीडी हिन्दुजा अस्पताल के सीईओ जॉय चक्रबोर्ति ने सेशन मॉडरेटर की भूमिका में सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि फार्मा इंडस्ट्री बिलियन डॉलर इंडस्ट्री है, जिसमे निवेश एवं भविष्य में विकास की अपार संभावनाएं है। जॉय ने मध्यप्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने की मध्य प्रदेश सरकार के प्रयास एवं नीतियों की भी सराहना की। मध्यप्रदेश को संपूर्ण देश से जुड़े होने के कारण फार्मा उद्योगों की स्थापना हेतु आदर्श बताते हुए इंदौर एवं उज्जैन का उदाहरण दिया जो कि स्वच्छता में अव्वल होने के साथ अब एक फार्मास्यूटिकल हब के रूप में देश के पटल पर उभरने हेतु तैयार है। प्रदेश की उद्योग नीतियों की सराहना करते हुए उनके द्वारा बताया गया कि यहां उचित दाम पर भूमि की उपलब्धता निवेशकों के आकर्षण का केंद्र है।
सेशन को आगे बढ़ाते हुए अक्षत चोरडिया ने प्रेजेंटेशन देते हुए वर्तमान में मध्य प्रदेश में 40 प्रतशत कैपिटल सब्सिडी, भूमि एवं तकनीकी कौशल की उपलब्धता से अवगत कराया साथ की भविष्य में बल्क ड्रग्स के क्षेत्र में निवेश एवं आधुनिक तकनीकों का उपयोग में अपार सम्भावनाये व्यक्त की जिससे दुसरे देशों पर भारत की निर्भरता में कमी आयेगी ।
इपका लैब्स के अजित जैन ने अपने संबोधन के द्वारा राज्य में उन्नति की ओर अग्रसर फार्मा क्षेत्र के बारे में बात करते हुए राज्य सरकार की उद्योग नीतियों एवं ड्रग्स रेगुलेटर के बहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने पीथमपुर मध्य प्रदेश में मोनोक्लोनल एंटीबाडी के आगामी प्लांट स्थापित करने के बारे में अवगत कराया।
विष्णु जाजू ने मेडिकल देविसस इंडस्ट्री के बदलते परिदृश्य से अवगत करते हुए आने वाले समय में दवाओं के पारंपरिक रूट ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन में आने वाले पांच वर्षों में बड़े बदलावों की सम्भावनाये व्यक्त की। उदाहरण के रूप में ऑटो इंजेक्टर के उपयोग को समझाया। सेशन में आगे बढ़ते हुए विक्रांत पाराशर, इंक्युब एथिकाल्स ने मध्य प्रदेश में भूगोलीय एवं रेगुलेटरी रिस्क कम होने के कारण यहाँ निवेश की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डाला एवं तकनीकों और उपलब्ध संसाधनों के समिचित उपयोग से वैश्विक स्तर की गुणवत्ता पूर्ण औषधियों एवं मेडिकल डिवाइसेस के निर्माण एवं निर्यात की बात कही। सेशन के अंत में सचिव स्वास्थ्य डॉ. सुदाम खाड़े ने भाग लेने वाले सभी पेनलिस्ट एवम अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश