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कांग्रेस के वरुण मुलाना के सवाल का स्वास्थ्य मंत्री ने दिया जवाब
चंडीगढ़, 21 फरवरी (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस विधायक वरूण मुलाना ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग में अभी भी मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ के अभाव को लेकर सरकार को घेरा।
बुधवार को कांग्रेस विधायक वरूण मुलाना ने विधानसभा में कहा कि मनोहर सरकार अपने दूसरे कार्यकाल अंतिम बजट पेश करने जा रही है और प्रदेश के अस्पतालों में अभी तक कर्मचारियों की कमी दूर नहीं हो सकी है। वर्तमान सरकार ने जब वर्ष 2019 में कार्यभार संभाला था, तब भी प्रदेश की यही स्थिति थी। उन्होंने सरकार को घेरते हुए वर्ष 2019 तथा 2024 की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने विभिन्न श्रेणी के डाॅक्टरों तथा पैरा मेडिकल स्टाफ के स्वीकृत पदों तथा उपलब्ध स्टाफ का ब्यौरा मांगा।
इसका जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सदन के पटल पर अपनी रिपोर्ट रखी। वर्ष 2019 में हरियाणा में मेडिकल अधिकारियों के 3240 स्वीकृत पदों के मुकाबले 2451 मेडिकल अधिकारी काम कर रहे थे। वर्ष 2024 में 3903 स्वीकृत पदों के मुकाबले 2794 चिकित्सा अधिकारी तैनात हैं। वर्ष 2019 में प्रदेश में 789 तो चालू वर्ष के दौरान 1109 पद रिक्त हैं। इसी प्रकार डेंटल सर्जन के वर्ष 2019 में 69 तो वर्तमान में 159 पद रिक्त हैं। यही स्थिति नर्सिंग आफिसर की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में प्रदेश के अस्पतालों में 3084 पद रिक्त थे। इन पदों को सरकार ने एनएचएम व नियमित भर्तियों के माध्यम से भरने का प्रयास किया है। जिसके चलते वर्तमान में स्वीकृत 4810 पदों के मुकाबले 4654 पद भरे हुए हैं और 156 पद खाली हैं। विज ने कहा कि प्रदेश में ईसीजी तकनीशियन की भारी कमी है। वर्ष 2019 में इस श्रेणी के 69 तो 2024 में 108 पद रिक्त हैं। इसी प्रकार वर्तमान में नेत्र सहायकों के 102, आप्रेशन कक्ष सहायक के 194 पद खाली हैं।
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लैब तकनीशियन, रेडियोग्राफर, एमपीएचडब्ल्यू, फार्मेसी अधिकारी, क्लर्क व सहायक आदि के भी सैकड़ों पद रिक्त पड़े हुए हैं। इन रिक्त पदों पर भर्तियों के बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में जारी रिपोर्ट में कहा है कि एचपीएससी व एचएसएससी को नियमित रूप से मांग भेजी जाती है और संबंधित एजेंसियों की सिफारिश पर रिक्त पद भरे जाते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/सुनील