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छतरपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। प्रधान एवं जिला न्यायाधीश अखिलेश शुक्ला ने आनंद विभाग द्वारा जिला न्यायालय के वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र पर आयोजित विश्व न्याय दिवस कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक अपराध के पीछे जलन, लालच, बदले की भावना होती है। उन्होंने कहा कि आनंद में रहने से अन्याय की संभावना कम होती है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं एडीजे अनिल कुमार पाठक, डीएलओ हेमंत कुशवाहा प्रमुख रूप से मौजूद रहे। आनंद विभाग की ओर से लखनलाल असाटी, आशा असाटी, रामकृपाल यादव, शिवनारायण पटेल, केएन सोमन, विमला सोमन, तृप्ती शर्मा उपस्थित थे।
लखनलाल असाटी ने न्याय की अवधारणा स्पष्ट करते हुए कहा कि मानव-मानव संबंध की पहचान, निर्वाह, मूल्यांकन और उभय सुख ही न्याय है। दूसरे को अपने जैसा मानकर उसकी वर्तमान योग्यता के साथ बिना शर्त संबंध को स्वीकार करना ही पहचानना है। उसके साथ बिना शर्त जिम्मेदारी से जीना अपनी तथा उसकी योग्यता के विकास में मदद करना निर्वाह है। सही भाव को समझने में सहयोग करना मूल्यांकन है। यदि यह सुनिश्चित हो जाता है तो उभयसुख की स्थापना होती है जो न्यायपूर्ण अखण्ड समाज का आधार बनती है।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि क्या हारने वाले के लिए न्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि जीवन मात्र परीक्षा नहीं है कि कम नंबर आए और जीवन समाप्त हो गया। प्रकृति में एकांत रहने में भी आनंद आता है। उन्होंने मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी दुख के अयोध्या के सिंहासन का त्याग तो किया ही लंका को जीतकर भी वहां शासन नहीं किया और यही भरत जी के चरित्र में दिखाई देता है जिससे हमें त्याग की प्रेरणा मिलती है।
लखनलाल असाटी ने प्रस्ताव विधि से मैं और शरीर के सहअस्तित्व को मानव बताते हुए दोनों की आवश्यकताओं पर चर्चा की और कहा कि मेरी वैल्यू इस बात से निर्धारित होती है कि मैं अपने शरीर के साथ, परिवार के साथ, समाज के साथ और प्रकृति के साथ कितनी जिम्मेदारी के साथ निर्वाह करता हूं। इससे ही उभय सुख और उभय समृद्धि की स्थिति बनती है जिसे हम न्याय कहते हैं। इस सत्र में लॉ स्टूडेंट हर्षिता रावत, साक्षी, मोहिनी पटैरिया, संजू सिंह, सिद्धार्थ सिंह, हरदयाल अहिरवार, एडवोकेट ऋषिराज सक्सेना, अंश चानना, योगेश बसेडिय़ा, जगत पचौरी ने भी अपने विचार साझा किए। सुयोग्य अवस्थी और शंकरलाल सोनी भी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार/सौरभ भटनागर