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– कर्नाटक की होलीगे से लेकर राजस्थान का घेवर तक उपलब्ध
गुवाहाटी, 20 फरवरी (हि.स.)। कहते हैं मार्च करने के लिए सेना का पेट भरा हुआ होना चाहिए। यही बात एथलीटों के लिए भी लागू होती है। उनका पोषण उनके पेशेवर करियर में उनकी प्रगति का निर्धारण करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है और जब पोषण की जरूरतें पूरी हो जाती हैं तो वे उच्चतम स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने में सक्षम होते हैं।
शहर के 11 स्थानों पर आयोजित किए जा रहे खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2023 अष्टलक्ष्मी ने देश के सभी कोनों से पहुंचे 3,500 से अधिक एथलीटों को स्वादयुक्त और पोषण आहार प्रदान करने का कार्य रसोई कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण है।
भोजन मेनू सभी आयोजन स्थलों और उनके आवास स्थानों पर उपलब्ध एथलीटों के लिए एक मानकीकृत क्वालिटी और मेन्यू है। भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के पोषण विशेषज्ञों द्वारा अनुमोदित, मेनू व्यंजनों का एक मिश्रण है, जो देश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए खानपान प्रदान करता है।
कई प्रतियोगिताएं जल्दी शुरू होने के कारण एथलीट, कोच और सहयोगी स्टाफ उन होटलों के बजाय प्रतियोगिता स्थलों पर नाश्ता करते हैं। स्वाद या पोषण मूल्य की गुणवत्ता में गिरावट या यहां तक कि भारतीय खेल प्राधिकरण के पोषण विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा चुने हुए मेनू में बदलाव के बिना रसोई में काम करने वाले लोग बेहतर काम करते हैं।
सरुसजाई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मुख्य आयोजन स्थल से लेकर नेहरू स्टेडियम तक तथा काहिलीपाड़ा में शूटिंग रेंज तक, रसोईघर समय पर खुलते हैं और और यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रतिभागी चेहरे पर मुस्कान के साथ जाएं।
प्रमुख शेफ सुबोध गुप्ता ने बताया कि मेनू खेलो इंडिया टीम द्वारा तय किया गया है। यह सुनिश्चित करना उनका काम है कि गुणवत्ता, स्वच्छता और स्वाद सभी स्थानों पर एक समान हो। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया टीम ने मेनू तय किया है, इसलिए हम उसी के अनुसार भोजन बना रहे हैं। मेनू की योजना इस तरह से बनाई गई है कि खिलाड़ियों के आहार और आवश्यकता को पूरा किया जा सके और साथ ही भोजन पौष्टिक और स्वस्थ हो।
उन्होंने कहा कि लगभग 5000 लोग दिनभर में खाना खाते हैं। हमारे पास प्रतिदिन दो व्यंजन हैं। दोपहर के भोजन के लिए हम एक राज्य के व्यंजन पर फोकस करते हैं और रात में हम ‘रेस्तरां शैली का भोजन’ परोसते हैं।
गुप्ता ने अपनी टीम का विवरण भी दिया जिसमें लगभग 160 शेफ और लगभग 90 स्टाफ सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा उनके पास सर्विस के लिए अतिरिक्त 250 कर्मचारी हैं।
प्रतिभागियों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के अपनी टीम के प्राथमिक उद्देश्य को रेखांकित करते हुए प्रमुख शेफ सुबोध गुप्ता ने कहा कि हमें अपना राशन एक सप्ताह पहले मिलता है जबकि सब्जियां और नॉन वेज आइटम रोज़ाना खरीदे जाते हैं। हमारे पास एक अच्छी प्रक्रिया है, इसलिए एक रात पहले हम यह सुनिश्चित करने के लिए क्रॉस-चेक करते हैं कि हमारे पास अगले दिन के मेनू के आधार पर आवश्यक सामग्री है या नहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश/प्रभात