[ad_1]

-महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन दर्शन को उजागर करने वाले प्रदर्शनी हॉल को भी देखा
मोरबी, 12 फरवरी (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को मोरबी जिले के टंकारा में आयोजित महर्षि दयानंद सरस्वती के 200वें जन्मोत्सव – ‘ज्ञान ज्योति पर्व’ – स्मरणोत्सव के समारोह स्थल- करसनजी ना आंगणा (करसनजी का आंगन) में निर्मित यज्ञशाला में राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन कुंड में आहुति डाली। इस मौके पर राष्ट्रपति ने समस्त जीवों के कल्याण की मंगलकामना व्यक्त की। इस मंगल अवसर पर कन्या गुरुकुल, वाराणसी के प्राध्यापकों, छात्राओं और महानुभावों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया।
यज्ञ में आहुति देने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन दर्शन को उजागर करने वाले प्रदर्शनी हॉल का दौरा किया और महर्षि के विचारों एवं समाज उत्थान के कार्यों से परिचित हुईं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एवं मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को इस प्रदर्शनी हॉल की जानकारी दी। टंकारा में 15 एकड़ क्षेत्र में निर्मित होने वाले ‘ज्ञान ज्योति तीर्थ’ की प्रतिकृति के माध्यम से राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने इस तीर्थ में बनने वाले संशोधन केंद्र, स्कूल, पुस्तकालय और रमणीय परिसर आदि की विस्तृत जानकारी दी। इस प्रदर्शनी हॉल में राष्ट्र निर्माण के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती जी द्वारा की गई यात्राओं को नक्शे के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यहां महर्षि दयानंद सरस्वती जी के जीवन प्रसंगों को चित्रों के माध्यम से तथा उनके साथ जुड़े ऐतिहासिक स्मृति स्थलों को भी जानकारी के साथ प्रदर्शित किया गया है। महर्षि दयानंद सरस्वती के नारी शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के विचारों के अलावा वेदों में मौजूद विज्ञान पर प्रकाश डालने वाले विचारों को भी इस प्रदर्शनी हॉल में दर्शाया गया है।
राष्ट्रपति का राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित उपस्थित गणमान्य लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। आर्य समाज के सुरेशचंद्र आर्य, पद्मश्री पूनम सूरी, विनय आर्य, सुरेन्द्रकुमार आर्य, अजय सहगल और प्रकाश आर्य सहित सभी अग्रणियों और आर्य समाज संस्थान के ट्रस्टियों, स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आर्य समाज की विभिन्न संस्थाओं के अग्रणियों के साथ स्मृतियों को सामूहिक तस्वीर में अंकित कराया।
हिन्दुस्थान समाचार/बिनोद/आकाश