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-आहोम शासन असम के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय : डॉ सरमा
शिवसागर (असम), 01 फरवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने आज शिवसागर में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया और ऐतिहासिक रंग घर के सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए भूमिपूजन किया।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल, 2023 को इस परियोजना की नींव रखी थी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने कहा कि रंग घर एशिया का सबसे पुराना जीवित एम्फीथिएटर है जो असम की संस्कृति और सभ्यता के केंद्र में स्थित है। उन्होंने कहा कि 600 साल पुराना आहोम शासन असम का गौरवशाली युग था। रंग घर इस युग में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि स्वर्गदेव रुद्र सिंह ने रंग घर में राजधानी की स्थापना की और तब से असम की वास्तुकला ने एक नया रूप ले लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वर्गदेव रुद्र सिंह के नेतृत्व में खोदी गई दौल पुखुरी ने रंग घर की महिमा में एक नया आयाम जोड़ा। रंग घर का निर्माण करके स्वर्गदेव रुद्र सिंहा ने न केवल वास्तुकला, बल्कि असम की कला, संस्कृति और खेल में भी एक नया अध्याय जोड़ा। इसलिए इस स्थापत्य सौंदर्य को नया रूप देना समय की मांग थी, क्योंकि सरकार ने इस गौरवशाली स्थापत्य को संवारने के लिए जन प्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों से सुझाव लिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना 140 करोड़ की लागत से 2026 से पहले पूरा कर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने शिवसागर के विकास के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जिले के सामाजिक-सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिवसागर कॉलेज को एक विश्वविद्यालय में अपग्रेड कर दिया गया है और बहुत जल्द यह संस्थान पूर्ण विश्वविद्यालय के रूप में काम करना शुरू कर देगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि शिवसागर मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी और अगले महीने से इस पहलू पर काम जोर-शोर से शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, जिले की सड़कों के विकास के लिए एक परियोजना के लिए 187 करोड़ रुपये निर्धारित किये गये हैं। इसके अलावा, शिवसागर जेल को एक अलग जगह पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा और पूरे क्षेत्र को एक सुंदर उद्यान और एक ऐतिहासिक स्थान में बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सर्किट हाउस को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने का निर्णय पहले ही ले चुकी है। एक बार जब चराइदेव के मैदाम को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिल जाएगा, तो अविभाजित शिवसागर को इसके स्वरूप और महत्व में एक नया बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने राज्य भर में सभी विकास गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि काजीरंगा नेशनल पार्क के ऊपर से 32 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। पिछले तीन वर्षों में राज्य में कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ। प्रत्येक कैबिनेट के बाद 300 से 400 करोड़ की घोषणा की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद शिवसागर में कैबिनेट की बैठक होगी।
इस मौके पर राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ रनोज पेगु, राजस्व मंत्री जोगेन महन, सांसद तपन कुमार गोगोई, विधायक प्रशांत फुकन, प्रदीप हजारिका, सुशांत बोरगोहाईं, धर्मेश्वर कोंवर, तरंग गोगोई, अखिल गोगोई, भुबन गाम, सीईएम कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद डॉ. तुलीराम रोंगहांग और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/अरविंद/प्रभात