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-प्रधानमंत्री के पुष्पवर्षा से गदगद दिखे आधुनिक नल-नील
अयोध्या, 22 जनवरी (हि.स.)। श्रीराम जन्मभूमि स्थित नवनिर्मित मंदिर में सोमवार को श्रीरामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पत्थरों को तराश कर आकार देने वाले कर्मवीरों का सम्मान किया। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में कुर्सियों पर बिठाये गये 500 श्रमिकों पर उन्होंने पुष्पवर्षा की। इन्हीं कर्मवीरों ने पत्थरों को तराशकर मंदिर को साकार रूप दिया है। प्रधानमंत्री से मिले सम्मान से श्रमिक कर्मवीर और आधुनिक नल-नील गदगद दिखे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर्मवीरों को सम्मानित करने का यह क्षण, त्रेतायुग में श्रीलंका पर चढ़ाई करने के लिए सागर पर बानाये जाने वाले पुल की यादों को ताजा कर दीं। पुल निर्माण के आधार स्तम्भ रहे नल-नील द्वारा पहचाने जाने वाले पत्थरों और उनसे पुल निर्माण का पूरा होता मनोरम दृश्य भी ताज़ा हो गया। नल-नील की तरह ही इस आधुनिक युग में प्रधानमंत्री से सम्मानित होने वाले कर्मवीर श्रमिकों ने भी शिलाओं की पहचान की, उन्हें तराशा और फिर मंदिर के आकार को साकार रूप दिया है। प्रधानमंत्री से मंदिर के शिल्पकारों को सम्मानित होने का यह क्षण सबको भावुक करने वाला रहा। प्रधानमंत्री मोदी, एक-एक कर सभी श्रमिक कर्मवीर पर पुष्पवर्षा करते रहे और सकुचाये कर्मवीर अपनी-अपनी कुर्सियों पर मूर्तिवत बैठे सबकुछ मौन भाव से स्वीकार करते रहे। उल्लेखनीय है कि ये कर्मवीर एलएनटी, टाटा और उनके साथ मिलकर कार्य करने वाली कंपनियों से जुड़कर मंदिर निर्माण के कार्य में सन्नद्ध हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/डॉ. आमोदकांत /दिलीप